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पहले पीटा फिर फंदा कस कर मार डाला

Kannauj Updated Sun, 10 Jun 2012 12:00 PM IST
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छिबरामऊ (कन्नौज)। बहवलपुर में शनिवार की सुबह उस समय कोहराम मच गया जब गांव के बाहर गड्ढे में लोगों ने एक शव पड़ा देखा। शव की शिनाख्त परिजनों ने दुर्विजय बाल्मीकि के रूप में की । वह शुक्रवार की शाम से लापता था। शव को देखने से ऐसा लग रहा था कि पहले उसकी जबरदस्त पिटाई की गई बाद में उसकी ही शर्ट का फंदा बनाकर उसका गला कस दिया गया। मृतक का शव मुंह के बल औंधा पड़ा था। हत्या की सूचना मिलते ही सीओ तथा कोतवाल मौके पर पहुंच गए। मामले की नामजद रिपोर्ट कोतवाली में दर्ज कराई गई है।
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बहवलपुर निवासी दुर्विजय बाल्मीकि उर्फ गुड्डन (42) नगरपालिका में संविदा सफाईकर्मी के पद पर तैनात था। शुक्रवार की शाम करीब 8 बजे से वह घर से लापता था। शराब के चक्कर में अक्सर घर से गायब रहने के कारण पहले तो परिजनों ने उसकी कोई तलाश नहीं की लेकिन सुबह करीब 6 बजे किसी ने उसके घर जाकर बताया कि दुर्विजय की हत्या कर दी गई है और उसका शव गांव से बाहर पूर्वी ओर गड्ढे में पड़ा है। यह सुनते ही मृतक की पत्नी मंजू मौके पर पहुंची साथ ही सैकड़ों लोगों की भीड़ लग गई।
मृतक का शव मुंह के बल औंधा पड़ा था। उसके गले में उसकी ही शर्ट का फंदा कसा था। सिर तथा चेहरे पर सरिया से पीटने से गहरे घाव के निशान थे। हत्यारों ने कहीं और हत्या कर शव को घसीट कर उस स्थान पर डाला था । दलित की हत्या की सूचना पर कोतवाल महेंद्रनाथ शर्मा, कस्बा इंचार्ज वीरेंद्र कुमार सिंह मय पुलिस बल मौके पर पहुंच गए। कुछ ही देर बाद सीओ रमेशकुमार भारतीय भी आ गए। पुलिस अधिकारियों ने घटना की बाबत जानकारी ली।
घटना की रिपोर्ट मृतक की पत्नी मंजू ने बीनू कंजड़ के खिलाफ लिखाई है। उसका कहना था कि शुक्रवार की शाम करीब 8 बजे बीनू कंजड़ उसके घर आया और शराब पीने के लिए उसके पति दुर्विजय को बुला ले गया। गांव के बाहर गिहार कालोनी के पास उन सभी ने शराब पी और फिर उसके बाद बीनू ने उसके पति की पीट पीटकर हत्या कर दी। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर शव को अपने कब्जे में ले लिया तथा पंचनामा भरवाकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
दुश्मनों ने उजाड़ दिया सुहाग
छिबरामऊ। दुर्विजय बाल्मीकि की पत्नी मंजू अपने सबसे छोटे पुत्र अमित को गोद में लेकर पति के शव के पास बिलख बिलखकर रो रही थी। वह कह रही थी दुश्मनों ने उसका सुहाग ही उजाड़ दिया। अब वह अपने नन्हे मुन्ने बच्चों को कैसे पाल पाएगी। पति के शव को देखकर वह कई बार गश खाकर गिर पड़ी। यही हाल उसके बच्चों का भी था। उसकी दो पुत्रियां तथा बड़ा पुत्र भी बुरी तरह से रो रहे थे।
आठ बच्चों के सिर से उठ गया पिता का साया
छिबरामऊ। बहवलपुर के दुर्विजय बाल्मीकि के आठ बच्चे हैं जिनमें 3 पुत्रियां व 5 पुत्र हैं। उसकी हत्या हो जाने से अब इन आठों बच्चों के सिर से उनके पिता का साया हमेशा के लिए उठ गया।
नगरपालिका में संविदा पर सफाईकर्मी के रूप में काम करने वाले दुर्विजय बाल्मीकि के 3 पुत्रियों में सबसे बड़ी पूजा (19) की शादी ग्राम नौगाई निवासी रामरतन के साथ हो चुकी है जबकि दूसरी पुत्री (18) की शादी भोगांव के गांव जयीमतगंज निवासी अशोक के साथ हुई है। इसके अलावा तीसरी पुत्री गीता तथा पुत्र दीपक (12), शंकर (10), राहुल (8), राज (5) तथा अमित (2) हैं। अपने पिता के शव के पास बैठकर रो रहे इन बच्चों के सिर से हत्यारों ने उसके पिता का साया हमेशा के लिए छीन लिया।

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