विज्ञापन

केके इंटरकालेज मैदान से शुरू होगा सियासी सफर

Kannauj Updated Mon, 04 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
कन्नौज। केके इंटरकालेज मैदान से उनकी बहू डिंपल यादव के सियासी सफर की शुरुआत होगी। पांच जून को पहली बार इसी मैदान से वह जनता को संबोधित करेंगी।
विज्ञापन
इसी मैदान पर 1999 में सपा मुखिया ने जनसभा की थी। तब वह खुद सपा प्रत्याशी थे। संभल व कन्नौज दोनों जगह से जीतने के बाद इस्तीफा देने का नंबर आया तो उन्होंने अपने राजनैतिक गुरु डा. राम मनोहर लोहिया की कर्मभूमि को अपने बेटे के हवाले करने का निर्णय लिया। इसके बाद वर्ष 2000 में हुए उप चुनाव में मुलायम सिंह यादव ने बेटे अखिलेश यादव के सियासी कैरियर का श्रीगणेश भी इसी मैदान से कराया था। यहीं पर हुई चुनावी जनसभा के दौरान अखिलेश को कन्नौज की जनता के सामने पेश किया गया था। तब तमाम विपरीत सियासी हालातों को दरकिनार कर यहां की सरजमीं ने अखिलेश को हाथोंहाथ लेकर पिता से ज्यादा मतों से जितवाकर सांसद चुना था।
पार्टी नेताओं की मानें तो सपा सुप्रीमो जीटी रोड से कन्नौज शहर जाने वाले मार्ग पर स्थित केके इंटरकालेज मैदान को शुभ मानते हैं। इसी मैदान से चले अखिलेश ने अपने छोटे से राजनैतिक जीवन में जो ऊंचाइयां हासिल कीं, उससे विश्वास और पक्का हुआ है। 5 जून को नामांकन के बाद होने वाली डिंपल की पहली सभा को ऐतिहासिक बनाने के लिए सपा के गांव गली से लेकर लखनऊ तक के नेता जी-जान से जुटे हैं। बाबा हाजी शरीफ की दरगाह और हर्षकालीन बाबा गौरीशंकर मंदिर में माथा टेकने की भी तैयारी चल रही है।
नामांकन जुलूस में जनसैलाब उमड़ने के आसार है, जिसके बारे में सोचकर ही प्रशासन हलाकान है। भीड़ को नियंत्रित कर पाना प्रशासन के लिए किसी अग्निपरीक्षा से कम नहीं है। सुरक्षा तंत्र मजबूत करने के साथ ही सपा के बड़े नेताओं से संपर्क साधा जा रहा है ताकि उनके सहयोग से कार्यकर्ताओं को काबू में किया जा सके।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Chandigarh

जज की जिम्मेदारी है, वह कैसे भूल सकता है जजमेंट में ड्रग का नाम व मात्रा लिखवाना: हाईकोर्ट

एनडीपीएस की विशेष अदालत की जिम्मेदारी जिस जज पर हो, वह जजमेंट में ड्रग की मात्रा व ड्रग का नाम लिखना कैसे भूल सकता है? हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी की।

23 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

स्कूल होने के बावजूद यहां खेतों में पढ़ाई कर रहे हैं बच्चे, जानिए वजह

सरकार बच्चों को स्कूल तक लाने के लिए जहां कई उपक्रम अपना रही है, वहीं यूपी के इटावा में बच्चे खेतों में पढ़ने को मजबूर है। जानिए आखिर क्यों खेतों में पढ़ रहे बच्चे।

12 जुलाई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree