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भगवान को पाने के लिए भक्ति जरूरी

Kannauj Updated Sun, 27 May 2012 12:00 PM IST
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छिबरामऊ (कन्नौज)। ग्राम भोलानगरिया में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य प्रमोद यादव ने कहा कि भगवान की प्राप्ति के लिए भक्ति जरूरी है।
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उन्होंने भक्ति भाव की व्याख्या करते हुए कहा कि गोपियां कृष्ण के साथ वन में नहीं गई और न ही घर का त्याग किया लेकिन फिर भी स्वधर्म का पालन करते हुए भगवान श्रीकृष्ण को पा लिया। उन्होंने कहा कि योगी को जो आनंद योग से मिलता है वह घर में रहते हुए भी पाया जा सकता है लेकिन इसके लिए पूर्ण रूप से भक्तिमय अर्थात आस्थावान होने की आवश्यकता है। यदि मानव को अपने अंदर आनंद की अनुभूति का सुख प्राप्त करना है तो अपने मन को मथना होगा। श्रीमद् भागवत की कथा प्रभू की प्राप्ति का साधन मात्र है। उन्होंने कंस वध की कथा रोचक शैली में सुनाई। उनके भजनों बृज में आय जइयो अरे नाथ द्वारिका वाले व रोय गई राधा सुकुमारी कोइ पकड़ श्याम को हाथ पर ममता यादव, आरती व मोहना ने झूमकर नृत्य किया। कन्हैया बने पीयूष व राधा बनी रागी उर्फ ज्योति ने भी नृत्य में साथ दिया। इस दौरान ढोलक पर छिद्दू, चिमटा पर संतराम, मजीरा पर राजबहादुर, घड़ा पर सुल्तान व कैसियो पर ओमप्रकाश ने संगत दी। राजवीर यादव के घर के पास ग्राम समिति द्वारा आयोजित इस कथा में परीक्षित का दायित्व श्रीकृष्ण ने निभाया।

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