प्रांतीय सम्मेलन में दूरदराज से आए स्वतंत्रता सेनानी व वंशज

Kannauj Updated Wed, 23 May 2012 12:00 PM IST
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छिबरामऊ (कन्नौज)। नगर के स्वतंत्रता सेनानी स्व.जुगलकिशोर सक्सेना की 12 वीं पुण्य तिथि पर आयोजित प्रांतीय सम्मेलन में प्रदेश के कई जिलों से आए स्वतंत्रता सेनानियों व उनके वंशजों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर केंद्र व प्रदेश सरकार से स्वतंत्रता सेनानियों के परिवार राष्ट्रीय घोषित करने की मांग की।
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नगर में जहानगंज रोड स्थित सुभाष अकादमी सीनियर सेंकेडरी स्कूल के पास मंगलवार की सुबह 9 बजे स्वतंत्रता सेनानी व उनके वंशज एकत्र हुए और स्व.जुगलकिशोर सक्सेना के चित्र पर माल्यार्पण कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। अकादमी की शिक्षिकाओं व छात्राओं ने बापू के प्रिय भजन पायो जी मैंने राम रतन धन पायो और वैष्णव जन तो तैने कहिए जो पीर पराई जाने रे प्रस्तुत किए। इस दौरान कैसियो पर संगीत शिक्षक हरिमोहन ने संगत दी।
प्रार्थना सभा के बाद हुई विचार गोष्ठी में राष्ट्रीय स्वतंत्रता सेनानी परिवार के राष्ट्रीय संयोजक राजेश पांडेय ने सेनानियों के परिवार राष्ट्रीय घोषित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि लगभग सभी सेनानी 80 से ऊपर की आयु के शेष बचे हैं। अधिकांश चलने फिरने से लाचार हैं। सरकार सीएमओ से उनका हर माह स्वास्थ्य परीक्षण कराए। उनकी विधवाओं का भी राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाए। अन्य प्रदेशों की तरह उत्तर प्रदेश में भी सेनानियों की पुत्री को पुत्र की तरह सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने कहा कि सेनानी के जन्म स्थल पर जाने वाले संपर्क मार्ग का नाम सेनानी के नाम रखने के साथ प्रवेश द्वार भी बनवाया जाए। इसके अलावा स्वतंत्रता सेनानी अनंतराम श्रीवास्तव कानपुर, सत्यदेव त्रिपाठी झांसी, रामकुमार अवस्थी कानपुर, गोवर्धनलाल कनौजिया कन्नौज, शिवसहाय त्रिपाठी अंबेडकर नगर, मुन्नालाल कश्यप मैनपुरी, रमेश मिश्रा, बहराइच, डीपी बाजपेई लखनऊ, प्रमोद श्रीवास्तव बरेली, सतेंद्रकुमार सिंह कानपुर, महेशचंद्र शुक्ला फर्रूखाबाद, मालतीदेवी वाराणसी, डा.बलवीर सिंह चौहान, बाबूराम तिवारी, डा.कंचन सिंह परिहार, शिवकुमार बोहरा, सत्येंद्र कुमार सिन्हा व कन्हैयालाल श्रीवास्तव ने भी विचार व्यक्त किए। संचालन कर रहे विद्यासागर त्रिपाठी ने स्व.जुगल किशोर सक्सेना की वह पंक्तियां सुनाई जो वह अक्सर गुनगुनाया करते थे स्वतंत्रता का मूल्य प्राण है देखें कौन चुकाता है, देखें कौन सुमन शैया तज कंटक वन को जाता है।
प्रांतीय सम्मेलन के आयोजक व अकादमी के निदेशक इंजी.सुप्रभाष सक्सेना ने आगंतुकों के प्रति आभार जताते हुए कहा कि नगर में स्वतंत्रता सेनानी पार्क के लिए वह अपनी निजी भूमि देने को तैयार हैं। सरकार इस पार्क का विकास कराए। इसमें जिले के सभी स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन परिचय सहित स्व.जुगलकिशोर सक्सेना की मूर्ति स्थापित हो।
इस अवसर पर सेनानी स्व.जुगलकिशोर सक्सेना की पत्नी शीतलादेवी, अविनाश सक्सेना एडवोकेट, राजेश सक्सेना, सत्यदेव त्रिपाठी, केएल शर्मा, गणेश सिंह सेंगर, श्यामाप्रसाद श्रीवास्तव, प्रदीप त्रिपाठी, हिमांक त्रिपाठी, डा.जयप्रकाश त्रिपाठी, केएस मिश्रा, एके दीक्षित, संजय गुप्ता, डीके वर्मा, पंकज मिश्रा, हिमांशु सक्सेना, संदीप राजपूत, प्रिया परिहार, नीलम त्रिपाठी व नीरज बाजपेई समेत भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
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