सदर तहसील में पत्रावलियों की सुरक्षा भगवान भरोसे

Kannauj Updated Fri, 11 May 2012 12:00 PM IST
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कन्नौज। सदर तहसील में उपेक्षा के चलते महत्वपूर्ण पत्रावलियां खुले में पड़ी रहती है। जर्जर भवनों व फर्नीचर के अभाव में इनकी सुरक्षा के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।
करीब ढाई साल से सदर तहसील भवन का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके चलते जर्जर भवनों में सदर तहसील के कार्यालय चल रहे हैं। तहसील प्रशासन की उदासीनता के चलते इन कार्यालयों में पत्रावलियों खुले में पड़ी रहती है। तहसीलदार न्यायालय में जर्जर लकड़ी की अलमारी में महत्वपूर्ण पत्रावलियां रखी रहती है। इससे उनकी सुरक्षा को खतरा है। यही नहीं कानूनगो सदर इस्लाम नबी के कार्यालय के एक कोने में पत्रावलियों का ढेर लगा है। इसके अलावा धूम्रपान के दौरान आगजनी की घटना भी हो सकती है। इस बारे में कानूनगो इस्लाम नबी का कहना है कि फर्नीचर के अभाव में खुले में पत्रावलियों को एक ओर लगाया गया है। इनकी सुरक्षा के लिए बेहद सजग रहना पड़ता है। यही हाल कानूनगो जलालाबाद नरेशचंद्र मिश्रा के कार्यालय का भी है। पूरे कक्ष में पत्रावलियां इधर-उधर खुले में पड़ी रहती है। वकील रामदेव शुक्ला का कहना है कि तहसील प्रशासन की उदासीनता के चलते पत्रावलियों अव्यवस्थित रूप से कार्यालयों व कक्षों में पड़ी रहती है। इसके चलते समय से पत्रावलियों की नकल भी उपलब्ध नहीं कराया जाती है। वहीं प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए बेवजह देरी की जाती है। इससे वादकारियों को न्याय मिलने में देरी होती है।

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