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ठंड और कोहरे से आलू और सरसों को खतरा

Kannauj Updated Sat, 29 Dec 2012 05:30 AM IST
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कन्नौज। इन दिनों पड़ रही कड़ाके की ठंड जहां गेहूं की फसल के लिए फायदेमंद साबित हो रही है, वहीं आलू और पिछेती सरसों की फसल को नुकसान हो सकता है। इससे किसान चिंतित हैं।
पिछले कुछ दिनों से कड़ाके की ठंड पड़ रही है। करीब हफ्ते भर से सूर्यदेव के दर्शन नहीं हो रहे हैं। गुरुवार को करीब दो घंटे तक लुकाछिपी का खेल सूर्यदेव खेलते रहे। शुक्रवार की सुबह से ही घना कोहरा हो गया। कोहरा देर शाम तक छाय रहा। धूप न निकलने से किसान परेशान दिख रहे हैं। किसानों का कहना है कि आलू और पिछेती सरसों की फसल को नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि कोहरे से आलू को बचाने के लिए किसानों ने दवाओं का छिड़काव शुरू कर दिया है। बावजूद, इसके झुलसा रोग फैलने की आशंकाएं बढ़ती जा रही हैं। कारण कई दिनों से फसलों को सूर्यदेव के दर्शन नहीं हुए हैं। जिला कृषि अधिकारी अशोक कुमार का कहना है कि कोहरे से सबसे अधिक खतरा आलू की फसल को है। कन्नौज बेल्ट में सबसे अधिक आलू की ही पैदावार होती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे खेतों में नमी न खत्म होने दे। हालांकि उनका यह भी कहना था कि जब तक बारिश नहीं होती है, तब तक किसी फसल को विशेष नुकसान नहीं है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी फसलों का नियमित रूप से परीक्षण करते रहें।

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