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वायरल बुखार की मार, घर-घर लोग बीमार

Jhansi Bureauझांसी ब्यूरो Updated Tue, 17 Sep 2019 02:09 AM IST
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वायरल बुखार की मार, घर-घर लोग बीमार
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झांसी। बारिश और फिर धूप निकलने की वजह से लगातार बदल रहा वातावरण लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। इन दिनों वायरल बुखार तेजी से फैला हुआ है। स्थिति ये है कि चाहे सरकारी अस्पताल हाें या निजी हर जगह वायरल के मरीज ओपीडी और वार्ड में भरे पड़े हैं। मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग का वार्ड तो वायरल के मरीजों से पूरा भरा चल रहा है।
जिला अस्पताल में दो फिजीशियन ओपीडी हैं। दोनों को मिलाकर लगभग साढ़े चार सौ मरीज रोज आते हैं। एक सप्ताह पहले तक ओपीडी में लगभग 200 मरीज वायरल से पीड़ित आ रहे थे, अब इनकी संख्या 250 से भी अधिक हो गई है। कारण, कुछ दिनों बंद चल रही बारिश पिछले एक सप्ताह से फिर शुरू हो गई है। बारिश रुकने के बाद धूप निकल आती है। सर्दी-गर्मी से लोगों को वायरल फीवर आ रहा है। यहां पर वायरल व अन्य बीमारी के मरीजों से वार्ड भी भरे चल रहे हैं। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में भी ऐसे ही हालात हैं। यहां सभी फिजीशियन ओपीडी को मिलाकर 650-700 से अधिक मरीज प्रतिदिन दिखाने आते हैं। मौजूदा समय में आधे से अधिक मरीज वायरल फीवर से पीड़ित आ रहे हैं। मेडिसिन विभाग का वार्ड वायरल के मरीजों से भरा चल रहा है।
तरल पदार्थ का सेवन करें
बुखार के कारण काफी डिहाइड्रेशन हो सकता है, जिससे और अधिक थकान हो सकती है। इसलिए काफी मात्रा में पानी और साफ सूप का सेवन करें। यदि आपको बुखार के साथ उल्टी और दस्त भी हो रहा है, तो काफी मात्रा में तरल पदार्थ पीना और अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है। पानी में एक चुटकी नमक और एक चम्मच चीनी डालकर पीने से इलेक्ट्रोलाइट्स की भरपाई होगी।
एक से दूसरे में फैलता संक्रमण
वायरल फीवर को रोकना आसान नहीं है। उनमें से अधिकांश बुखार अत्यधिक संक्रामक होते हैं। एक से दूसरे में संक्रमण फैलता जाता है। दोबारा वायरल फीवर होने से खुद का बचाने के लिए स्वच्छ रहन-सहन और अच्छी प्रतिरक्षा प्रणाली महत्वपूर्ण है। ऐसे में खांसते, छींकते समय रूमाल या टिश्यू पेपर से मुंह और नाक को ढक लें। इससे आसपास के लोग संक्रमण से बच सकेंगे। खांसी, सर्दी या बुखार वाले लोगों के संपर्क में आने बचें।
बच्चों को हो रहा निमोनिया
वायरल की चपेट में आने पर बच्चों को निमोनिया भी हो रहा है। इसका कारण बच्चों की प्रतिरोधक क्षमता कम होना है। मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. ओमशंकर चौरसिया ने बताया कि वायरल निमोनिया में बच्चे को बुखार, खांसी-जुकाम के अलावा सांस तेज चलने लगती है। बीते एक सप्ताह में बीस प्रतिशत तक वायरल निमोनिया के मरीज बढ़ गए हैं। उन्होंने बताया कि छह माह से पांच साल तक के बच्चों को यदि बुखार आए तो बेहद सावधान रहना चाहिए। तुरंत डॉक्टर को दिखाकर दवाएं लें। इसके अलावा गीले कपड़े से बच्चे का शरीर को पोंछें। वरना बच्चे को बुखार के दौरे आने लगते हैं। इसमें बेहोशी और हाथ पैर में झटका आने की संभावना रहती है।
ये हैं लक्षण
- तेज बुखार, सिर दर्द
- जोड़ों में दर्द व सूजन
- थकान और गले में दर्द
- बदन दर्द
- खांसी व जुकाम
- आंखें लाल होना
- लेटने के बाद उठने में कमजोरी
- भूख न लगना
ऐसे करें बचाव
- बारिश में भीगने से बचें।
- फ्रिज का ठंडा पानी पीना बंद कर दें।
- वायरल पीड़ित के संपर्क में न आएं।
- मरीज छींकने पर मुंह में रुमाल लगाए।
इन दिनों तेजी से वायरल फीवर लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। मौजूदा सीजन इस बीमारी के लिए मुफीद है। मेडिकल कॉलेज के वार्ड और ओपीडी वायरल फीवर के मरीजों से भरे हैं। लोगों को सावधान रहना चाहिए।
- डॉ. रजत जैन, फिजीशियन, मेडिकल कॉलेज।
वायरल के मरीजों में एक सप्ताह में ही तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ओपीडी में 50 फीसदी से ज्यादा मरीज वायरल फीवर के आ रहे हैं। अस्पताल के वार्ड भी वायरल के मरीज से भरे हैं। बचाव ही इस बीमारी का उपाय है।
- डॉ. डीएस गुप्ता, फिजीशियन, जिला अस्पताल।
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