एड्स रोगियों का मददगार बना एआरटी सेंटर

Jhansi Updated Mon, 01 Dec 2014 05:31 AM IST
ख़बर सुनें
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में एंटी रिट्रोवायरल ट्रीटमेंट सेंटर (एआरटी) की स्थापना से बुंदेलखंड के एचआईवी पॉजिटिव व एड्स रोगियों को काफी लाभ मिला है। लंबी दूरी का सफर तय करने के बजाए मरीजों को जनपद में ही दवाएं मिल रहीं हैं।
महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2010 में एआरटी सेंटर की स्थापना हुई थी। तब से वर्ष 2014 के अक्तूबर माह तक 1261 एड्स पीड़ित मरीजों ने रजिस्ट्रेशन करवाया है, इसमें से 876 मरीज सेंटर से लगातार दवाएं ले रहे हैं। काय चिकित्सा विभाग के डा. जकी सिद्दीकी ने बताया कि सेंटर की स्थापना के पूर्व झांसी समेत बुंदेलखंड के लोगों को जांच और दवाएं के लिए लखनऊ, बनारस आदि दूर दराज शहरों में जाना पड़ता था लेकिन इसकी स्थापना के बाद से उन्हें भागदौड़ से छुटकारा मिल गया है। उन्होंने बताया कि एआरटी सेंटर में मरीजों को मुफ्त जांच के साथ ही दवाएं उपलब्ध कराईं जातीं हैं। समाज में जागरूकता आने के साथ-साथ एड्स से पीड़ित मरीजों की संख्या भी घटती जा रही है। झांसी समेत देशभर में वर्ष 2014 में एड्स से पीड़ित मरीजों की संख्या में कमी आई है। इसके लिए नेशनल एड्स सेंट्रल आर्गनाइजेशन (नेको) का भी महत्वपूर्ण योगदान है। डा. सिद्दीकी का कहना है कि नाको के तत्वावधान में देश भर में चलाए जा रहे कार्यक्रमों से लोग खासे जागरूक हुए हैं और इसका रिजल्ट अब मरीजों की घटती संख्या के रूप में सामने आने लगा है।

अब जल्द मिलती सैंपल रिपोर्ट
झांसी। मेडिकल कॉलेज में एआरटी सेंटर नहीं होने से पहले मरीजों के सैंपल को इंदौर भेजा जाता था, इसके बाद रिपोर्ट आने में हफ्ते से दस दिन तक का समय लग जाता था लेकिन अब सैंपल लेने वाले दिन ही रिपोर्ट आ जाती है। इसके लिए सबसे पहले एआरटी सेंटर में एड्स पीड़ित का सीडी-4 काउंट किया जाता है। सीडी-4 सेल की जानकारी होने के बाद ही उसे दवाएं दी जातीं हैं। गौरतलब है कि सीडी-4 सेल से व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता का आकलन किया जाता है।

संक्रमित रक्त भी बना सकता शिकार
झांसी। लोगों की जागरूकता का ही नतीजा है कि देश में कुछ हद तक एड्स पर काबू पाया जा सका है लेकिन अभी भी मेडिकल स्टाफ समेत अन्य लोगों को बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है। डा. सिद्दीकी ने बताया कि असुरक्षित यौन संबंध तो व्यक्ति को इसका शिकार बना ही सकता है, वहीं संक्रमित रक्त भी कम खतरनाक नहीं है। संक्रमित रक्त से किसी को नुकसान न पहुंचे इसके लिए ब्लड बैंक में रक्त की सही तरह से स्क्रीनिंग होनी चाहिए। इसके साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट के निस्तारण की भी उचित व्यवस्था होनी चाहिए। वहीं, स्वास्थ्य कर्मियों को भी बचाव के लिए मौजूद संसाधनों का इस्तेमाल करना चाहिए।

इंजेक्शन से भी फैल रहा वायरस
झांसी। वैसे तो देश- प्रदेश में हर जगह नशे की लत वाले इंजेक्शन का प्रयोग नशेड़ियों द्वारा किया जा रहा है। नशेड़ी नशे के लिए इंजेक्शन भी एक दूसरे से शेयर कर रहे हैं। इसमें से किसी के भी एड्स पीड़ित होने पर यह वायरस दूसरे में चला जाता है। बुंदेलखंड स्तर की बात करें तो जानकारों का कहना है कि इंजेक्शन के जरिए एड्स पीड़ित मरीज सबसे ज्यादा जालौन जिले से मिले हैं। वहीं, झांसी में भी कुछ मामले ऐसे सामने आए हैं।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Chandigarh

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों समेत 7 लोगों को मारने वाली पर नहीं कर सकते रहम: हाईकोर्ट

अपने ही दो भाइयों, दो बहनों और दादी समेत सात लोगों की हत्या करने वाली पर रहम नहीं किया जा सकता। उसकी और उसके प्रेमी की मौत की सजा बरकरार रहेगी।

18 जुलाई 2018

Related Videos

VIDEO: व्यापारी पर दिनदहाड़े हमला, बदमाशों ने की ताबड़तोड़ फायरिंग

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ आए दिन प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था  पहले से बेहतर होने का दावा करते हैं, लेकिन प्रदेश में हो रही घटनाएं दूसरी तरफ ही इशारा करती है।

22 जुलाई 2018

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen