सरकार का खजाना नहीं भर पाए विभाग

Jhansi Updated Mon, 05 May 2014 05:30 AM IST
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झांसी। सरकारी कमाई की दृष्टि से बीता वित्तीय वर्ष जनपद के लिए निराशाजनक साबित हुआ है। शासन के कमाऊ पूत माने जाने वाले तमाम सरकारी महकमे अपने तय राजस्व लक्ष्य को भी नहीं छू पाए हैं।
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बगैर राजस्व के किसी भी सरकार के लिए विकास योजनाओं का क्रियान्वयन दूर का सपना होता है। शासन की तमाम जनोपयोगी योजनाएं बजट के अभाव में सफेद हाथी साबित होती हैं। यही वजह है कि शासन द्वारा विभागों को हर वित्तीय वर्ष की शुुरुआत में राजस्व का लक्ष्य आवंटित किया जाता है, जिसकी वसूली पर शासन का खासा जोर भी रहता है।
लेकिन, इस दृष्टि से बीते वित्तीय वर्ष 2013 - 14 ने जनपद को खासा निराश किया है। गत वर्ष में शासन ने आबकारी विभाग को 138.53 करोड़ का लक्ष्य आवंटित किया था, परंतु विभाग 117.71 करोड़ रुपये का ही राजस्व एकत्र कर पाया। इसी प्रकार वाणिज्य कर विभाग 398.64 करोड़ के सापेक्ष 351.33 करोड़ की ही वसूली कर पाया है। परिवहन विभाग का पहिया भी लक्ष्य तक पहुंचने से पहले थम गया। विभाग को 58.16 करोड़ रुपये का लक्ष्य आवंटित किया गया था, जिसके सापेक्ष विभाग 51.53 करोड़ रुपये ही जुटा पाया। स्टांप एवं निबंधन विभाग ने भी शासन को निराश किया है। विभाग आवंटित राजस्व लक्ष्य 146.50 करोड़ के सापेक्ष 121.35 करोड़ रुपये शासन के खजाने में जमा कर पाया। मंडी परिषद का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा। मंडियों से शासन को 35.72 करोड़ के सापेक्ष 28.80 करोड़ की आमदनी हुई। मनोरंजन कर विभाग ने तय लक्ष्य से 96.76 प्रतिशत की वसूली की।
चालू वित्तीय वर्ष 2014 - 15 की शुरुआत भी अच्छी नहीं हुई है। सरकारी तंत्र के चुनावी चकल्लस में फंसे होेने के चलते राजस्व वसूली की गति साल के प्रथम माह अप्रैल में खासी धीमी रही।
खनिज ने दिए ज्यादा
झांसी। जहां तमाम सरकारी महकमे तय राजस्व लक्ष्य को छू भी नहीं पाए, वहीं खनिज विभाग ने शासन के खजाने में लक्ष्य से अधिक रकम जमा की। विभाग को बीते वित्तीय वर्ष में 45 करोड़ रुपये का लक्ष्य आवंटित किया गया था, जिसके सापेक्ष विभाग ने 46.25 करोड़ रुपये का राजस्व एकत्र किया।
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