राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटे 25,127 मुकदमे

Jhansi Updated Sun, 24 Nov 2013 05:44 AM IST
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झांसी। न्यायपालिका के इतिहास में 23 नवंबर का दिन मील का पत्थर साबित हुआ। राष्ट्रीय लोक अदालत में एक दिन में 25,127 मुकदमों का निस्तारण सुलह- समझौते के आधार पर किया गया। इस अवसर पर विभिन्न बैंकों द्वारा लगाए गए शिविर में एनपीए खातेदारों ने विशेष छूट का लाभ उठाया।
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शनिवार को विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में दीवानी न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत का शुभारंभ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक न्यायमूर्ति रणविजय सिंह ने किया। इस मौके पर सुलह - समझौते के आधार पर वादों का निस्तारण किया गया। मोटर दुर्घटना प्रतिकर संबंधी 58 वाद निस्तारित कर पीड़ित पक्ष को 85,43,191रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। 1,07,90,815 रुपये की राशि से संबंधित भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम के 24 वाद, 67,10,000 रुपये से संबंधित धारा 138 एनआई एक्ट के 27 वाद, 135 पारिवारिक प्रकरण, 35 श्रम अधिनियम, 332 राजस्व वाद, 83 चकबंदी वाद, 07 स्टांप एक्ट, 06 उपभोक्ता फोरम के वाद, 02 जनोपयोगी सेवाओं संबंधी, 05 भवन किराया संबंधी, 68 जलकर/ भवनकर वाद, 295 अंतिम रिपोर्ट संबंधी वाद, 11 विद्युत वाद, 03 वन अधिनियम वाद, 05 अपीलें व 734 अन्य वाद निस्तारित किए गए। 14429 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 8,37,720 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। धारा 258 दंप्रसं के अंतर्गत 7,369 आपराधिक प्रकरण निस्तारित किए गए। बाल संवाद के माध्यम से किशोर अपचारियों से संबंधित 02 प्रकरण निस्तारित किए गए। इसके अतिरिक्त विभिन्न बैकों के ऋण संबंधी 1,341 प्रकरण प्रीलिटिगेशन वाद के रूप में निस्तारित किए गए। इसके फलस्वरूप बैंकों को 2,25,73,483 रुपये प्राप्त हुए।
जनपद न्यायाधीश रामवृक्ष यादव द्वारा मोटर एक्सीडेंट क्लेम के दो वाद निस्तारित कर पीड़ित पक्ष को 4,40,000 रुपये प्रतिकर के रूप में दिलाए गए। प्रधान न्यायाधीश पारिवारिक न्यायालय रामकैलाश ने 77 पारिवारिक प्रकरण व 43 भरण पोषण संबंधी प्रकरण निस्तारित किए। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रवीण कुमार, राष्ट्रीय लोक अदालत के नोडल अधिकारी/ विशेष न्यायाधीश सतीश कुमार, जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष महेंद्र पाल वर्मा, सचिव प्रणय श्रीवास्तव समेत विभिन्न न्यायिक अधिकारी, अधिवक्तागण, बैंकों के अधिकारी, परिवहन निगम, बीमा कंपनियों के अधिकारी एवं समाजसेवी मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त जिला उपभोक्ता फोरम, उप श्रमायुक्त, जिलाधिकारी, अपर जिलाधिकारी, नगर मजिस्ट्रेट, उपजिलाधिकारी, चकबंदी अधिकारी, तहसीलदार आदि ने भी अपने न्यायालयों से संबंधित प्रकरण निस्तारित किए। इसी तरह सिविल जज अवर वर्ग मोंठ मनोज कुमार सिद्धू द्वारा 1,359 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 88,635 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए गए। सिविल जज अवर वर्ग मऊरानीपुर योगेंद्र सिंह चौहान द्वारा 2,870 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 51,420 रुपये वसूल किए गए। सिविल जज अवर वर्ग गरौठा प्रबोध कुमार वर्मा ने 3,489 लघु आपराधिक वादों का निस्तारण कर 50,775 रुपये अर्थदंड के रूप में वसूल किए।
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