हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार को कोसा

Jhansi Updated Sat, 23 Nov 2013 05:44 AM IST
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झांसी। राज्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते शुक्रवार को भी विभिन्न सरकारी कार्यालयों में कामकाज ठप रहा। इस दौरान हड़ताली कर्मियों ने कृषि भवन परिसर में सभा कर सरकारी नीतियों की जमकर आलोचना की। हालांकि, शाम को हाईकोर्ट के कड़े रुख के बाद हड़ताल समाप्त हो गई।
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कर्मचारियों की हड़ताल के 11वें दिन कामकाज सरकारी कार्यालयों में खासा प्रभावित रहा। अपने - अपने कार्यालयों से कर्मचारी टोली बनाकर कृषि भवन परिसर पहुंचे। यहां हुई सभा में हड़ताली कर्मचारियों ने सरकार पर हठधर्मी रुख अपनाने का आरोप लगाया। इस दौरान कर्मचारी नेता श्रीकृष्ण व्यास, घनश्याम दास थापक, जानकी कुशवाहा, रमजान बक्श, जितेंद्र सिंह, संतोष गौड़, घनाराम श्रीवास, उमाशंकर त्रिपाठी, कैलाश नारायण चौबे, बृजकिशोर यादव, रामआसरे गौतम, कमला प्रसाद साहू, विनय देव तिवारी, एम डी नगाइच, एम एस चौबे, दिलीप कश्यप, हरगोविंद साहू, राजकुमार निगम, रुद्रशरण श्रीवास्तव, राजाराम नामदेव, एल के पुरोहित आदि ने विचार प्रकट किए। इसके अलावा उप्र डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, सिंचाई संघ, उप्र लेखपाल संघ, उप्र वाणिज्य कर मिनिस्ट्रीयल स्टाफ एसोसिएशन के बैनर तले भी कर्मचारी हड़ताल में शामिल रहे। हालांकि, शाम में उच्च न्यायालय के कड़े रुख के बाद प्रदेश व्यापी हड़ताल समाप्त हो गई। कर्मचारी नेता दिनेश भार्गव ने इसे हाईकोर्ट का ऐतिहासिक कदम बताया।
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