हड़ताल की आंच से गरमाया कलेक्ट्रेट

Jhansi Updated Fri, 22 Nov 2013 05:45 AM IST
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झांसी। आखिरकार कलेक्ट्रेट भी हड़ताल की आंच से गरमा गया। हड़ताल के दसवें दिन यहां भी कामकाज प्रभावित रहा। इस दौरान आंदोलनकारियों ने सभा कर ब्यूरोक्रेसी पर प्रजातंत्र की धज्जियां उड़ाकर सरकार को गुमराह करने का आरोप लगाया। कर्मचारियों ने सरकार पर भी निशाना साधा।
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बृहस्पतिवार को अलग- अलग कार्यालयों से कर्मचारियों के जत्थे जुलूस लेकर नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां कार्यालयों में काम कर रहे कर्मचारियों से हड़ताल में शामिल होने को कहा तो कर्मचारी कुर्सियां छोड़कर हड़तालियों के साथ हो लिए। इसके बाद राज्य कर्मचारी अधिकार मंच उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में सभा आयोजित की गई। इसमें लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, मेडिकल कालेज, वाणिज्य कर, लघु सिंचाई, उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ, वन विभाग, पशुपालन, सिंचाई विभाग, समाज कल्याण, लघु सिंचाई, आईटीआई, पालीटेक्निक, आयुर्वेदिक कालेज, कृषि विभाग नलकूप आदि विभागों के कर्मचारियों को संबोधित करते हुए जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष महेंद्र पाल वर्मा और महामंत्री प्रणय श्रीवास्तव ने कहा कि महानगर को बी टू का दर्जा दिलाने की मांग का वह भी समर्थन करते हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि आंदोलन आगे भी जारी रहता है तो बार संघ का प्रत्येक सदस्य एक दिन की हड़ताल करेगा।
मंडलीय मंत्री शिक्षा विभाग श्रीकृष्ण व्यास, जनपदीय सचिव घनश्याम दास थापक, मंच के सदस्य अध्यक्ष मंडल अखिलेश कुमार मिश्रा, अशोक बुधौलिया, लेखपाल संघ के बृजकिशोर यादव, रामपाल यादव, राजेंद्र प्रसाद कुशवाहा, रामसेवक सोनकर, इंजी. महेश चंद्र बुधानी, हबीब अहमद, एम एस चौबे आदि ने नई पेंशन व्यवस्था की तकनीकी खामियां गिनाईं। राजकुमार निगम, इंदिरा शर्मा, अरविंद तिवारी, सुंदर लाल कुशवाह, कुसुमलता व्यास, रामकिशुन रायकवार, मनोहर लाल श्रीवास, ग्यासी लाल व रामपाल वर्मा ने कहा कि हड़ताल से जनपद में विकास कार्य पूर्ण रूप से बाधित हो गए हैं, इसके बाद भी सरकार गंभीरता नहीं बरत रही। अध्यक्षता करते हुए दिनेश भार्गव ने कहा कि सरकार ने आंदोलन को विफल करने के उपाय किए हैं, लेकिन वह कामयाब नहीं हो रहे। संतोष सिंह गौर, संजीव श्रीवास्तव, योगेश कुमार शुक्ला, बुद्ध सिंह यादव, हरीशंकर यादव, प्रसाद महरोलिया, मोहन लाल श्रीवास्तव, जितेंद्र शर्मा आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
आज कृषि विभाग में होगी सभा
झांसी। मंच के उपाध्यक्ष मिथिलेश कुमार दुबे ने बताया कि हड़ताल के ग्यारहवें दिन शुक्रवार को चंद्रशेखर आजाद प्रतिमा के सामने स्थित कृषि विभाग में आमसभा आयोजित की जाएगी।

विभागों में भी हुई बैठकें
झांसी। उत्तर प्रदेश डिप्लोमा इंजीनियर्स महासंघ की जिलाध्यक्ष हरिओम चक की अध्यक्षता में माताटीला बांध प्रखंड में हुई। अभियंताओं ने मांगें नहीं माने जाने तक हड़ताल पर रहने की घोषणा की। इस मौके पर इंजीनियर के एन दुबे, डी एस कुशवाहा, आर पी त्रिपाठी, नासिर हुसैन, सी पी गुप्ता, बी एस यादव, के एन दुबे, बृषभान सिंह, आर के यादव, सलिल समैया, सुशील सचान, महेंद्र निरंजन, आर सी नायक, अशोक कुमार, सुधीर कौशिक, नितेंद्र श्रीवास्तव, अशोक सिंह, एस के सिंह आदि मौजूद रहे।
भूमि एवं जल संरक्षण प्राविधिक एसोसिएशन उप्र व अधीनस्थ कृषि सेवा संघ की संयुक्त बैठक में शिवाकांत द्विवेदी, धर्मवीर सिंह, अखिलेश कुमार मिश्रा, गंगाधर कुशवाहा, बृजेश निरंजन, सुरेश सिंह, पी डी कुशवाहा, रघुनंदन दुबे, दुर्गेश सिंह वनवीर सिंह, राजवीर सिंह आदि मौजूद रहे। उप्र वाणिज्यकर मिनिस्टीरियल स्टाफ एसोसिएशन की बैठक में विक्रमा सिंह यादव, राजकुमार निगम, मो. शफीक, बीना बाथम, रघुवर दयाल, विमल अग्रवाल, मोहन विण्याणी, मो. अनीस सरजू देवी, उपेंद्र प्रजापति आदि ने विचार व्यक्त किए। मिनिस्टीरियल एसोसिएशन ऑफसर्किल आफिसेज की सिंचाई विभाग की बैठक में मिथिलेश कुमार दुबे, जगदीश प्रसाद वर्मा, भानू प्रताप, प्रदीप श्रीवास्तव, संदीप रावत रामप्रताप सिंह आदि ने विचार रखे। संचालन पंकज कौशिक ने किया। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ सिंचाई विभाग की बैठक सुखलाल रायकवार की अध्यक्षता में हुई, जिसमें देवेंद्र सिंह बुंदेला, सभापति राय, मुन्ना कुशवाहा, सुरेश कुमार वर्मा, रामरतन पाल, भगोलेराम आदि मौजूद रहे।

देर से वेतन के लिए तैयार रहें
झांसी। अनिश्चितकालीन हड़ताल का असर कर्मचारियों के नवंबर माह के वेतन पर पड़ेगा। दरअसल, हर महीने की बीस तारीख के बाद वेतन संबंधी औपचारिकताएं पूरी कर विभागों से कोषागार में बिल भेजे जाने लगते हैं। लेकिन, हड़ताल के चलते विभागों मेें कामकाज ठप चल रहा है, जिससे वेतन बनाने का कार्य भी प्रभावित है। कोषागार अफसरों की मानें तो बिल जितनी देरी से आएंगे, वेतन भी उतना विलंब से मिले सकेगा। उधर, कोषागार के अधिकांश कर्मचारियों को पेंशन संबंधी कार्य में लगा दिया गया है, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न हो।
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