बजट कम और मरीज ज्यादा

Jhansi Updated Wed, 23 Oct 2013 05:43 AM IST
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झांसी। जनपद में होम्योपैथी चिकित्सा पद्धति शासन की उपेक्षा का शिकार है। जनपद में संचालित डिस्पेंसरी के लिए शासन द्वारा वर्ष 2013-14 में दवाओं के बजट के रूप में पंद्रह हजार रुपये दिए गए हैं, जबकि बीते छह माह में अब तक यहां करीब चालीस हजार मरीज इलाज के लिए आ चुके हैं। इस हिसाब से एक मरीज को एक रुपये की दवा भी नसीब नहीं हो पा रही है।
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लोगों को स्वास्थ्य की बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन द्वारा जिला चिकित्सालय, सीपरी बाजार, कोछाभांवर, बबीना, आवास विकास कालोनी, चिरगांव, बड़ागांव, मऊरानीपुर व कटेरा में डिस्पेंसरी शुरू की गई हैं। स्टाफ नहीं मिलने के कारण बबीना व मऊरानीपुर की डिस्पेंसरी बंद हैं। जबकि, जिला अस्पताल को छोड़कर शेष डिस्पेंसरियों में चिकित्सा अधिकारी ही तैनात हैं। इनके लिए भी शासन द्वारा पर्याप्त बजट उपलब्ध नहीं कराया जा सका है। वर्ष 2012-13 के लिए शासन द्वारा 60 हजार रुपये का बजट जारी किया गया था, जबकि मरीजों की संख्या 80 हजार के करीब थी। अधिकारियों की मानें तो कम बजट में मरीजों का इलाज करना काफी मुश्किल हो रहा है। हालांकि, ओपीडी पर्चे के रूप में प्रत्येक मरीज से मिलने वाले एक रुपये से जैसे तैसे दवाओं को ठीक से रखने की व्यवस्था की जाती है। इस संबंध में जिला होम्योपैथी चिकित्सा अधिकारी डा. डी एस सचान का कहना है कि शासन को कम बजट की समस्या से अवगत कराया जा चुका है।
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