बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

किसने दी प्रवेश की अनुमति?

Jhansi Updated Mon, 11 Feb 2013 05:31 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

ख़बर सुनें
झांसी। उड़ाका दल के साथ मारपीट करने, सामूहिक नकल में पकड़े जाने एवं एफआईआर दर्ज होने के बाद भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने चित्रकूट स्थित छत्रपति शाहू जी महाविद्यालय को अभयदान दे दिया है। सामूहिक नकल का आरोप सिद्ध होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा एक वर्ष के लिए कालेज में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था, लेकिन बाद में गुपचुप तरीके से प्रतिबंध हटा दिया गया। इसकी जानकारी मिलने पर उड़ाका दल के समन्वयक रहे प्रो. एस के श्रीवास्तव ने जन सूचना कानून के माध्यम से चार बिंदुओं पर जानकारी मांगी है, इससे विश्वविद्यालय प्रशासन में हड़कंप की स्थिति है।
विज्ञापन

बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा सत्र 2012 की वार्षिक परीक्षा के दौरान चित्रकूट जनपद के नरैना खैरा स्थित छत्रपति शाहू जी महाविद्यालय में उड़ाका दल ने सामूहिक नकल पकड़ा था। इससे नाराज कालेज के शिक्षक, स्टाफ व छात्रों ने उड़ाका दल के साथ मारपीट की थी। बाद में नजदीक के थाने में उड़ाका दल के सदस्यों ने इन सभी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। यह मामला अभी भी कोर्ट में लंबित है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने भी मामले की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया था। जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन कुलपति ने कालेज में एक साल के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही परीक्षा केंद्र बनाए जाने के पूर्व सामूहिक नकल में पकड़े जाने पर मान्यता व संबद्धता रद किए जाने का शपथ पत्र जमा कराने का आदेश जारी किया था।

उड़ाका दल के समन्वयक डा. एस के श्रीवास्तव व पीड़ित पक्ष का कहना है कि एक साल के लिए प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के बाद भी विश्वविद्यालय के कुछ अधिकारियों ने गुपचुप तरीके से उस कालेज को प्रवेश लेने का मौका दिया। सत्र 2012-13 में कालेज ने 205 प्रवेश लिए हैं। वार्षिक परीक्षा फार्म भी नेट पर है।
विश्वविद्यालय के इस फैसले को लेकर डा. श्रीवास्तव ने जन सूचना कानून के तहत चार बिंदुओं पर सूचनाएं मांगी हैं। उन्होंने पूछा है कि सामूहिक नकल में लिप्त कालेज पर क्या दंडात्मक कार्रवाई की गई ? एक वर्ष के लिए प्रवेश प्रतिबंध का आदेश कब और किस आधार पर जारी किया गया ? बाद में किस अधिकारी के आदेश से प्रवेश में छूट दी गई? क्या महाविद्यालय ने सत्र 2012 की परीक्षा के पहले सामूहिक नकल नहीं कराने का शपथ पत्र जमा किया था? इस पत्र को लेकर विश्वविद्यालय के उन अधिकारियों को अपना गला फंसता दिख रहा है, जिन्होंने कालेज को प्रवेश की अनुमति दी थी।
इस संबंध में कुलसचिव अशोक कुमार अरविंद से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे संपर्क नहीं हो सका।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us