शहर के दस हजार घरों में अंधेरा!

Jhansi Updated Fri, 25 Jan 2013 05:32 AM IST
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झांसी। विद्युत विभाग बकायेदारों के प्रति सख्त रुख अख्तियार करता जा रहा है। पिछले आठ माह से चल रहे अभियान के दौरान 11,719 बकायेदारों के संयोजन काटे गए, जिनमें अब तक मात्र 1912 बकायेदारों ने पैसा जमा कर अपना संयोजन जुड़वाया है। यानी, आंकड़ों पर विश्वास करें तो शहर के लगभग दस हजार घरों में अंधेरा पसरा हुआ है।
विद्युत विभाग शहर क्षेत्र में दस मई 2012 से लगातार संबंधित क्षेत्र के अवर अभियंता व विजिलेंस की मदद से चेकिंग अभियान चला रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य बकायेदारों का कनेक्शन काटना है। अभियान में दस मई 2012 से इक्कीस जनवरी 2013 तक इक्कीस करोड़ इकहत्तर लाख रुपये के 11,719 बकायेदारों के संयोजन काटे गए, जिनमें अब तक मात्र 1912 बकायेदारों ने पैसा जमा कर अपना संयोजन जुड़वाया। इन उपभोक्ताओं से इक्कीस लाख बारह हजार रुपये बकाया वसूला गया। आंकड़ों के हिसाब से शहर के लगभग दस हजार घरों में अंधेरा पसरा हुआ है। इनमें जेल चौराहा सब स्टेशन क्षेत्र में 756, सीपरी बाजार में 717, पुलिया नंबर नौ में 332, मुन्नालाल पावर हाउस में 886, हींगन कटरा में 777, रानी महल में 724, बड़ा बाजार में 749, नंदनपुरा में 1054, नगरा में 1205, हंसारी में 720 , बिजौली में 767, मेडिकल में 1349, सूती मिल में 829 व उन्नाव गेट सब स्टेशन से जुड़े क्षेत्र में 852 बकायेदार हैं। इस दौरान दो सौ दस उपभोक्ताओं को कटे संयोजनों पर बिजली जलाते पकड़े गया, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

जारी रहेगा अभियान
अधीक्षण अभियंता शशिकांत ने बताया कि बकायेदारों के संयोजन काटने का यह अभियान जारी रहेगा। जिन उपभोक्ताओं के बिल की राशि अधिक हो चुकी है, वह तीन किस्तों में बिल जमा कर सकते हैं। इसके लिए संबंधित अधिशासी अभियंता से अनुमति जरूरी है।

बिल संशोधित हो तो जुड़े संयोजन
झांसी। विद्युत संयोजन कटने के हर मामले में उपभोक्ता ही दोषी नहीं है। शहर में दर्जनों ऐसे उपभोक्ता हैं तो विद्युत विभाग की लचर कार्य प्रणाली के कारण अंधेरे में रहने को मजबूर हैं। ऐसा ही एक मामला सीपरी बाजार क्षेत्र के गोंदू कंपाउंड के एक दुकानदार का है। विद्युत टीम ने चार माह पहले दुकानदार अभय कुमार का संयोजन सत्ताइस हजार रुपये बकाया होने पर काट दिया गया था। दुकानदार का कहना है कि पिछले एक साल से उसका बिल गड़बड़ आ रहा है। वह कार्यालय का कई बार चक्कर लगा चुका हैं, लेकिन अब तक बिल ठीक नहीं हो सका, जबकि संबंधित क्षेत्र के अधिकारी पूरा बिल जमा करने पर ही संयोजन जोड़ने की बात कह रहे हैं।

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