टिकट न मिलने से छूट रही है ट्रेन

Jhansi Updated Fri, 21 Dec 2012 05:32 AM IST
झांसी। रेलवे की तमाम योजनाओं व आधुनिकता के बाद भी टिकट लेने के लिए रेल यात्रियों को एक- एक घंटे कतार में खड़ा होना पड़ता है। यही कारण है कि पिछले सालों की तुलना में बिना टिकट यात्रियों की संख्या में इजाफा हुआ है। इनमें तीस फीसदी ऐसे यात्री पकड़े गए, जो लंबी कतार में टिकट नहीं ले पाने के कारण जल्दबाजी में ट्रेन में सवार हुए।
राधेलाल को अपने परिवार के साथ सुबह 7.10 बजे जाने वाली बांदा पैसेंजर से मऊरानीपुर जाना था। इसके लिए वह गुरुवार को सुबह साढ़े छह बजे ही स्टेशन पहुंच गया और टिकट के लिए काउंटर नंबर आठ की कतार में लग गया। लेट होने के बाद भी उसे ट्रेन नहीं मिली, क्योंकि टिकट लेने वालों की कतार इतनी लंबी थी कि जब तक उसका नंबर आया, ट्रेन रवाना हो गई थी। मजबूरन उसे दूसरी ट्रेन के इंतजार में बैठना पड़ा। वहीं सदर बाजार निवासी अवधेश गुप्ता को गुरुवार की शाम भोपाल जाना था। उसे उम्मीद थी कि आधे घंटे पहले स्टेशन पहुंच जाएगा और सात बजे के आस पास केरला एक्सप्रेस पकड़ लेगा। लेकिन, टिकट में हुई देरी के कारण उसकी ट्रेन छूट गई।
यह स्थिति अकेले मनोहर या राहुल की नहीं है, बल्कि ऐसे तमाम यात्री स्टेशन पर मिल जाएंगे, जो समय पर
टिकट न मिल पाने के कारण निर्धारित गाड़ी से यात्रा नहीं कर पाते हैं। ऐसे वाकये स्टेशन पर दिन भर देखने को मिलते हैं। जनरल का टिकट मिलने में हो रही देरी के कारण हर घंटे किसी न किसी यात्री की ट्रेन छूट रही है। यात्रियों के हिसाब से काउंटरों की संख्या कम होने के कारण टिकट लेने में डेढ़ से दो घंटे का समय लग रहा है। इस कारण जनरल टिकट लेना यात्रियों के लिए मुसीबत साबित हो रहा है।

सुबह की स्थिति सबसे खराब
सुबह पांच से आठ बजे के बीच जनरल/ पैसेंजर का टिकट लेना किसी युद्ध का मोर्चा फतह करने से कम नहीं है। दरअसल, इस समय बांदा, बीना, आगरा, कानपुर रूट पर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन होता है। इस कारण टिकट लेने वालों की कतारें खिड़की से लेकर मुख्यद्वार तक आ जाती हैं। इसी तरह दिन में एक बजे से शाम चार बजे व रात आठ से ग्यारह बजे तक बुरा हाल रहता है।

बीस मिनट में टिकट का दावा
रेल प्रशासन ने पंद्रह से बीस मिनट में यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराने का दावा कर रखा है। लेकिन, यह दावा खोखला साबित हो रहा है। बुकिंग कार्यालय में ग्यारह काउंटर बने हैं। इनमें एक काउंटर टीटी कैश जमा करने का है। अगर इस काउंटर को हटा दिया जाए तो भी दस काउंटर खोलकर यात्रियों की परेशानी को दूर किया जा सकता है। लेकिन, आमतौर पर चार या पांच काउंटर चालू रहते हैं। इस व्यवस्थागत खामी को लेकर अफसर मौन हैं।

राजस्व बढ़ा, सुविधाएं नहीं
आमतौर पर रेलवे स्टेशन से रोजाना पंद्रह से सोलह हजार यात्री सफर करते थे। लेकिन, इन दिनों संख्या बढ़कर अठारह से उन्नीस हजार तक पहुंच गई है। इससे रेलवे का राजस्व तो बढ़ गया, लेकिन सुविधाएं जस की तस बनी र्हुइं हैं। यहां तक कि स्टेशन पर एक जेटीवीएस खुलने के बाद भी यात्रियों की समस्या कम नहीं हुई है।

‘‘ सभी काउंटर खुलें, इसके लिए हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। शहर में जल्द और भी स्थानों पर जेटीवीएस खुलने जा रहे हैं, इससे यात्रियों को काफी हद तक राहत मिल सकेगी।
- रवि प्रकाश, जनसंपर्क अधिकारी, रेलवे’’

Spotlight

Most Read

Kanpur

बाइकवालाें काे भी देना हाेगा टोल टैक्स, सरकार वसूलेगी 285 रुपये

अगर अाप बाइक पर बैठकर आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर फर्राटा भरने की साेच रहे हैं ताे सरकार ने अापकी जेब काे भारी चपत लगाने की तैयारी कर ली है। आगरा - लखनऊ एक्सप्रेस वे पर चलने के लिए सभी वाहनों को टोल टैक्स अदा करना होगा।

16 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी के इस टोल प्लाजा पर MLA के रिश्तेदार का तांडव!

यूपी में टोल प्लाजा पर मारपीट की घटना कोई नई बात नहीं है। झांसी में टोल टैक्स मांगने पर खुद को विधायक का रिश्तेदार बताया और टोल कर्मियों की पिटाई कर दी। हालांकि ये साफ नहीं है कि ये कौन लोग हैं।

4 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper