लॉबिंग तोड़ना ही तो है स्ट्रगल

Jhansi Updated Sat, 24 Nov 2012 12:00 PM IST
झांसी। दस बहाने करके ले गई दिल, यू आर माई माइंड ब्लोइंग माहिया जैसे धमाकेदार सुपरहिट गीत लिखने वाले बॉलीवुड के युवा गीतकार पंछी जालौनवी का मानना है कि लॉबिंग तोड़ना ही स्ट्रगल है। वह शुक्रवार को अपने एक मित्र की शादी में शामिल होने झांसी आये थे। इस दौरान उन्होंने अमर उजाला से मुंबई में अपने संघर्ष के दास्तां को शेयर किया।

गीत लिखने की रुचि कहां से आयी?
लिखने का शौक बचपन से ही था। गृहनगर उरई में अखबारों के लिए कॉलम, आर्टिकल आदि लिखता था। शुरू से ही हिंदी व उर्दू साहित्य को पढ़ने की रुचि रही है। अपने शौक को जाहिर करने के लिए बॉलीवुड मुझे सबसे उपयुक्त लगा।

शुरुआत कैसे हुई?
संघर्ष के दिनों को याद करता हूं तो आंखों में पानी आ जाता है। जब मैं मुंबई गया था तो महज 22 साल का था। किसी के पास काम मांगने जाता था तो वह मेरी उम्र को देखते हुए मुझे गंभीरता से नहीं लेते थे। बड़ा दिखने के लिए मैंने दाड़ी बढ़ाई, कुर्ता पाजामा पहनना शुरू किया। लेकिन, बात नहीं बनी। तब लोगों से मिलना कठिन था। मोबाइल आम नहीं थे, लैंडलाइन फोन पर निर्देशक मिलते नहीं थे। 1997 में रूपकुमार राठौर ने अपने मितवा एलबम के लिए मुझे गीत लिखने का ऑफर दिया। इस एलबम के लिए मैंने एक गीत ‘‘न तुम मुस्कुराते न ये बात होती’’ लिखा।

फिल्म दस में कैसे मौका मिला?
अनुभव सिंहा के संपर्क में आया तो उन्होंने एक फिल्म के लिए मुझसे एक गीत लिखवाया, जो बाद में बंद हो गई। इसके बाद उनकी पत्नी रत्ना सिंहा के निर्देशन में बन रहे एक धारावाहिक ‘रुके रुके से कदम’ का शीर्षक गीत मैंने लिखा, लेकिन यह धारावाहिक भी प्रदर्शित नहीं हो सका। जब अनुभव सिंहा दस बना रहे थे तब उन्होंने फैज अनवर के साथ मुझे भी एक गीत लिखने को कहा। बाद में सारे गीत उन्होंने मुझसे ही लिखवाए। इसके बाद यह सिलसिला कैश, रा-वन जारी रहा। इसके अलावा मैने संजय गुप्ता की दस कहानियां फिल्म और प्रकाश झा की चक्रव्यूह के लिए भी गाने लिखे।

बुंदेली कला को बॉलीवुड में चमकाने का क्या प्रयास किया?
बुंदेली कला में अपार संभावनाएं हैं। जहां भी मुझे मौका मिलेगा, मैं इसे बढ़ाने का प्रयास करूंगा। अभी मेरा एलबम ‘देश तरक्की कर रहा है’ आ रहा है जिसमें मैंने एक गाना पूरे बुंदेली अंदाज मेें लिखा है, जिसके बोल ‘‘हाथ फैला के मांगे वोट, नीयत में कड़ गई कैसई खोट, संसद में जातई एक दम पसर रये, काये नेता जी जे का कर रये’’

बॉलीवुड में लॉबिंग ट्रेंड से आप कितना सहमत हैं?
जहां तक लॉबिंग की बात है, मैं इसे गलत नहीं मानता हूं। लॉबिंग का मतलब यह है कि एक्टर, डायरेक्टर, गीतकार, संगीतकार के बीच की अंडरस्टेंडिंग ऐसी हो जाती है कि एक के बिना बोले ही दूसरा समझ जाता है, कि वह क्या चाहता है। स्ट्रगल का मतलब भी यही है कि इस लॉबिंग को तोड़कर अपनी जगह बनाये, वर्ना स्ट्रगल का क्या मतलब।

आगे का क्या प्लान है?
अभी मेरे पास कई प्रोजेक्ट हैं, आने वाले समय में मैं, संजय दत्त, करन जौहर, अनूप जलोटा के बैनर तले बन रही फिल्मों के लिए गीत लिख रहा हूं।

Spotlight

Most Read

Champawat

एसएसबी, पुलिस, वन कर्मियों ने सीमा पर कांबिंग की

ठुलीगाड़ (पूर्णागिरि) में तैनात एसएसबी की पंचम वाहिनी की सी कंपनी के दल ने पुलिस एवं वन विभाग के साथ भारत-नेपाल सीमा पर सघन कांबिंग कर सुरक्षा का जायजा लिया।

21 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी के इस टोल प्लाजा पर MLA के रिश्तेदार का तांडव!

यूपी में टोल प्लाजा पर मारपीट की घटना कोई नई बात नहीं है। झांसी में टोल टैक्स मांगने पर खुद को विधायक का रिश्तेदार बताया और टोल कर्मियों की पिटाई कर दी। हालांकि ये साफ नहीं है कि ये कौन लोग हैं।

4 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper