आशाओं के बनेेंगे आईकार्ड

Jhansi Updated Wed, 24 Oct 2012 12:00 PM IST
झांसी। पांच साल बाद आशाओं को औपचारिक पहचान मिलने वाली है। शासन के निर्देश पर आशा बहू के आई कार्ड बनाए जाएंगे। इससे उनकी पहचान में आसानी होगी।
सन 2007 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के तहत जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में 1174 आशा बहू की तैनाती की गई। आशा बहू ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग एवं गांववासियों के बीच एक कड़ी का कार्य करती हैं। गांव वालों को यह प्राथमिक चिकित्सा, प्रसव, टीकाकरण सहित स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी देती हैं। आशाएं मात्र इंटरमीडिएट पास होती हैं साथ ही वह ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती हैं। गांवों में कार्य के दौरान पहचान पत्र नहीं होने के कारण उन्हें दिक्कत होती है। ऐसे में शासन ने स्वास्थ्य विभाग को आशाओं को आई कार्ड जारी करने का आदेश दिया है। आशा कार्यक्रम के नोडल इंचार्ज ऋषिराज सिंह का कहना है कि आईकार्ड बनाने का कार्य अगले माह से शुरू हो जाएगा।

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