पुलिस और दबंगों ने हथिया रखे हैं 28 क्वार्टर

Jhansi Updated Sat, 20 Oct 2012 12:00 PM IST
झांसी। एक तरफ जहां रेलवे के कर्मचारी क्वार्टर नहीं मिलने के कारण किराए के मकान में रहने को विवश हैं, वहीं 28 क्वार्टरों पर पुलिस और दबंगों ने कब्जा जमा रखा है। इनमें अठारह पुलिस कर्मी शामिल हैं। लगातार मिल रही शिकायतों को लेकर हुई जांच के बाद अब रेल प्रशासन ने इन कब्जाधारियों को खदेड़ने के लिए अभियान चलाने का फैसला किया है।
पश्चिमी रेलवे कालोनी के वरिष्ठ खंड अभियंता कार्यालय ने जांचोपरांत पाया कि रेलवे के 28 क्वार्टरों पर बाहरी लोग कब्जा जमा कर रह रहे हैं। इन क्वार्टरों की सूची एसएसई वर्क्स ने 08 सितंबर 2012 डीआरएम, एडीईएन हैड क्वार्टर व वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त को सौंपी थी। रेल प्रशासन अब इन क्वार्टरों को खाली करवाने की तैयारी कर रहा है। योजना के मुताबिक इंजीनियरिंग विभाग, जिला प्रशासन, सिविल पुलिस व आरपीएफ की मदद से इन क्वार्टरों को खाली कराएगा। एक दिन पहले संबंधित क्वार्टर के सामने मुनादी करवाई जाएगी। जनसंपर्क अधिकारी रवि प्रकाश के अनुसार डीएम व एसएसपी को मदद के लिए पत्र लिखा गया है। जल्द ही इन क्वार्टरों को खाली कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा।

दस प्रतिशत आवासों पर है कब्जा
झांसी स्थित रेलवे कालोनी में विभिन्न टाइप के साढ़े तेइस सौ से अधिक क्वार्टर बने हुए हैं। इनमें दस प्रतिशत क्वार्टर ऐसे हैं, जिनमें या तो अराजक तत्वों ने कब्जा कर रखा है या आवंटन कराने के बाद कर्मचारियों ने किराये पर दे रखे हैं। हाल में जो 28 अनाधिकृत लोगों को चिह्नित किया गया है, इसमें डेढ़ दर्जन क्वार्टर पर तो रेलवे पुलिस में तैनात रह चुकेउन दारोगा या सिपाहियों का कब्जा है, जिनका अब सिविल पुलिस में स्थानांतरण हो चुका है। इसके अलावा आसपास के दबंगों ने भी कुछ क्वार्टरों पर कब्जा कर रखा है। कब्जाए गए अधिकांश क्वार्टर पंद्रह साल पहले इंजीनियरिंग, आपरेटिंग, लोको, वर्कशाप व एकाउंट के कर्मचारियों को एलाट किए गए थे।




जल संस्थान के जीएम का आदेश हवा में

झांसी। ट्रांसफर होने के वर्षों बाद भी जल संस्थान के अफसर घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं। जीएम ने क्वार्टरों पर कब्जा जमाए अफसरों व कर्मचारियों को नोटिस जारी कर पंद्रह दिन के भीतर इन्हें खाली करने को कहा था, लेकिन एक अधिकारी को छोड़कर दूसरे किसी ने क्वार्टर खाली नहीं किया है।
शहर के पॉश इलाके जीवन शाह तिराहे के निकट जल संस्थान की कालोनी बनी हुई है। यहां तैनात आधा दर्जन से अधिक अफसरों ने ट्रांसफर के बाद भी आवास खाली नहीं किया है। इस कारण ट्रांसफर होकर बाहर से आने वाले विभागीय अफसरों व कर्मचारियों को किराए के मकानों में रहना पड़ता है।
इस समस्या को देखते हुए दो अक्तूबर को जल संस्थान के महाप्रबंधक ने स्थानांतरित अफसरों व अवर अभियंताओं को आवास खाली करने के लिए पंद्रह दिन का नोटिस दिया था। इनमें कानपुर स्थानांतरित होकर गए अधिशासी अभियंता हरिश्चंद्र चौधरी ने आवास खाली कर दिया है। अन्य पर नोटिस का कोई असर नहीं पड़ा है। वहीं उरई स्थानांतरित होकर गए अधिशासी अभियंता सुरेश चंद्र ने पुत्र की पढ़ाई को लेकर मार्च 2013 तक का समय मांगा है। आवास खाली न करने वालों में तत्कालीन जीएम आई डी पांडे, अवर अभियंता अनिल कुमार, के के शर्मा, राजीव भटनागर, व एस सी चौहान हैं। इनमें एक अवर अभियंता ऐसे भी हैं, जिन्होंने अधिशासी अभियंता का आवास घेर रखा है।


‘स्थानांतरित अफसरों व अवर अभियंताओं को आवास खाली करने के लिए दुबारा चेतावनी नोटिस भेजा जा रहा है। इसके बाद उनके खिलाफ शासन को लिखा जाएगा।’
- रतन लाल, महाप्रबंधक, जल संस्थान

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