माफिया मालामाल, विभाग कंगाल

Jhansi Updated Wed, 17 Oct 2012 12:00 PM IST
झांसी। जिले में गिट्टी, बालू व मोरम से माफिया तो मालामाल हो रहे हैं, लेकिन खनिज विभाग की हालत पतली है। पिछले दो वर्षों में महकमा निर्धारित राजस्व लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच पाया है। कमोबेश इस साल भी यही स्थिति बनती नजर आ रही है जबकि यहां खनिज संपदा की भरमार है।
स्थिति यह है कि पहाड़ों को काटकर गिट्टी - बोल्डर बनाए जा रहे हैं। नदियों में बहकर आने वाली बालू को व्यापक पैमाने पर समेटा जा रहा है। मोरम के टीले लगातार गायब होते जा रहे हैं। रोजाना सैकड़ों की संख्या में ट्रक - डंपरों के जरिये यहां की खनिज संपदा बाहर भेजी जा रही है। बालू का 500 फुट का डंपर 10 से 10,500 रुपये तथा गिट्टी का 500 फुट का डंपर 11,500 पर पहुंच गया है। बावजूद, खनिज विभाग के हाथ खाली हैं।
इसका अंदाजा विभागीय अभिलेखों में दर्ज आंकड़ों से लगाया जा सकता है। वित्तीय वर्ष 2010-11 में शासन द्वारा विभाग को झांसी जिले से 51 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन इसके सापेक्ष विभाग की उपलब्धि महज 72 फीसदी ही रही। वित्तीय वर्ष 2011-12 में राजस्व वसूली में और भी गिरावट रही। इस वर्ष भी विभाग को 51 करोड़ रुपये का टारगेट दिया गया, परंतु उपलब्धि का आंकड़ा महज 64.76 प्रतिशत ही रहा। चालू वित्तीय वर्ष 2012-13 में भी कमोबेश यही स्थिति बनती नजर आ रही है। इस बार भी लक्ष्य नहीं बढ़ाया गया, लेकिन साल की पहली छमाही में विभाग छमाही लक्ष्य के सापेक्ष 77 प्रतिशत ही राजस्व एकत्र कर पाया है।
जानकारों का कहना है कि खनिज के अवैध दोहन की वजह से यह स्थिति बनी हुई है। जिले के कमोबेश सभी घाटों से बालू निकाली जा रही है, लेकिन विभाग की नजर में आधा दर्जन से भी कम घाट चल रहे हैं। यही वजह है कि विभाग राजस्व लक्ष्य हासिल करने के मामले में पिछड़ा हुआ है।

‘राजस्व में वृद्धि हेतु जल्द ही कारगर कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए कार्ययोजना बनाई जा रही है। अवैध खनन किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।’
- अनिल कुमार शर्मा, खनिज अधिकारी


सीमेंट पर कर लगा बालू की जाए नियंत्रण मुक्त
झांसी। मऊरानीपुर निवासी इं. रामगोपाल रूसिया के अनुसार बालू को नियंत्रण मुक्त कर दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि बालू से सरकार को एक रुपया मिलता है और ठेकेदार कमाता है पांच रुपया, जबकि पिसती है जनता। इसलिए बेहतर होगा कि बालू को नियंत्रण मुक्त कर दिया जाए। बालू से प्राप्त होने वाले राजस्व की पूर्ति के लिए सीमेंट पर चार प्रतिशत कर बालू के नाम से बढ़ा दिया जाना चाहिए। यह सीधा सीमेंट फैक्ट्रियों से सरकार को मिलेगा। चूंकि बगैर सीमेंट के बालू का उपयोग हो ही नहीं सकता इसलिए घालमेल की गुंजाइश ही नहीं रहेगी। साथ ही ठेका न होने पर आम बेरोजगार भी बालू बेचकर अपना भरण पोषण कर सकेंगे, जिससे इसकी कीमत भी नियंत्रित रहेगी।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

MP निकाय चुनाव: कांग्रेस और भाजपा ने जीतीं 9-9 सीटें, एक पर निर्दलीय विजयी

मध्य प्रदेश में 19 नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष पद पर हुए चुनाव में कांग्रेस और भाजपा के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला।

20 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी के इस टोल प्लाजा पर MLA के रिश्तेदार का तांडव!

यूपी में टोल प्लाजा पर मारपीट की घटना कोई नई बात नहीं है। झांसी में टोल टैक्स मांगने पर खुद को विधायक का रिश्तेदार बताया और टोल कर्मियों की पिटाई कर दी। हालांकि ये साफ नहीं है कि ये कौन लोग हैं।

4 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper