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97 बेसिक टीचर भेजे गए स्कूल

Jhansi Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
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झांसी। बृहस्पतिवार को बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों के स्कूल आवंटन की प्रक्रिया शुरू हो गई। इसके लिए दो चरणों में काउंसलिंग हुई, जिसके जरिये 97 शिक्षकों को स्कूलों में तैनाती दी गई।
प्रदेश की पिछली बसपा सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के अध्यापकों के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण पर रोक लगा रखी थी। सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से ही कुछ स्थानांतरण किए गए थे। सपा के हाथ सत्ता की बागडोर आने के बाद यह रोक हटा दी गई थी। इसके तहत सितंबर माह के आरंभ में जिले में बाहरी जनपदों से 413 अध्यापक आए थे। इनमें ज्यादातर शिक्षिकाएं थीं। इन्हें विद्यालय आवंटित नहीं किए गए थे। अध्यापकों से रोजाना बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में हस्ताक्षर कराए जा रहे थे। बृहस्पतिवार से शिक्षकों को विद्यालय देने के लिए काउंसलिंग शुरू हुई। विकास भवन में पहले चरण में विकलांग अध्यापक, प्राइमरी के हेडमास्टर समेत जूनियर हाईस्कूल सहायक समेत 47 अध्यापकों की काउंसलिंग हुई। सभी को पोस्टिंग आर्डर भी थमा दिए गए। दूसरे चरण में सीरियल क्रमांक 01 से 54 तक के अध्यापकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था, परंतु उपस्थित 50 ही हुए। सभी को तत्काल पोस्टिंग आर्डर भी थमाए गए। इसके अलावा अनुपस्थित रहने वाले अध्यापकों की पोस्टिंग भी कर दी गई। अध्यापकों की काउंसलिंग मुख्य विकास अधिकारी अनुज कुमार झा, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान के प्राचार्य आदर्श त्रिपाठी, बेसिक शिक्षा अधिकारी सतीश कुमार समेत कमेटी के सदस्यों ने ली।


‘अध्यापकों को प्राथमिकता के आधार पर एकल व बंद विद्यालयों में तैनाती दी जा रही है। काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है। उन्हें पोस्टिंग आर्डर देकर तत्काल विद्यालय में ज्वानिंग करने के निर्देश दिए जा रहे हैं।’
- सतीश कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी

बड़ागांव व बबीना जाने के अरमान रहे अधूरे
झांसी। अंतर्जनपदीय स्थानांतरण के तहत जिले में आए बेसिक शिक्षकों में से ज्यादातर की पहली पसंद नगर से लगे बबीना व बड़ागांव ब्लाक के विद्यालय थे। इसमें भी शिक्षक रोड साइड स्कूलों में तैनाती का मन बनाए बैठे थे। इसके बाद चिरगांव ब्लाक के स्कूल पसंद किए जा रहे थे। मनचाही तैनाती के लिए सत्ताधारी दल के नेताओं के यहां चक्कर काटे जाने लगे थे। अधिकारियों के दरवाजे भी खटखटाए जा रहे थे। सिफारिशों का सिलसिला शुरू हो गया था। लेकिन, काउंसलिंग प्रक्रिया ने सब खेल खराब कर दिया। काउंसलिंग में शिक्षकों को जिले में ज्वाइनिंग में वरिष्ठता के आधार पर बुलाया जा रहा है। उनसे विद्यालय की च्वाइस मांगी जा रही है। इसके बाद उन्हें पोस्टिंग आर्डर थमा दिया जा रहा है।

कौन सा स्कूल है अच्छा?
झांसी। काउंसलिंग के लिए आईं ज्यादातर शिक्षिकाएं अच्छे स्कूल की तलाश करतीं नजर आईं। उनके साथ पहुंचे परिजन भी रिक्त पदों वाले विद्यालयों की लोकेशन की जानकारी करते रहे। इसके लिए विभागीय लोगों के भी खूब फोन घनघनाए गए। अध्यापक अच्छा स्कूल पाने के प्रयास में जुटे रहे।

दो दिन और चलेगी काउंसलिंग
झांसी। शुक्रवार को प्रात: 10 बजे से सीरियल क्रमांक 51 से 150 तथा दोपहर दो बजे से 151 से 225 के अध्यापकों की काउंसलिंग होगी। जबकि, शनिवार को सुबह 226 से 325 व दोपहर में 326 से 413 सीरियल क्रमांक तक के अध्यापकों की काउंसलिंग होगी।

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