ताला लटकता मिला खैलार न्यू पीएचसी में

Jhansi Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
झांसी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विनोद यादव मंगलवार को ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं का जायजा लेने निकले तो उन्हें कदम- कदम पर खामियां ही दिखीं। खैलार स्थित न्यू पीएचसी में ताला लटका मिला। वहीं, बबीना सीएचसी पर गंदगी की भरमार थी। और तो और यहां एक महिला चिकित्सक भी गायब मिली।
सीएमओ डा. यादव दोपहर करीब 12 बजे औचक निरीक्षण करते हुए नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खैलार पहुंचे। यहां पर स्वास्थ्य केंद्र के गेट पर ताला लटक रहा था। मौके पर आसपास के लोगों से पूछने पर पता चला कि केंद्र खुलने का समय या दिन निश्चित नहीं है। कब खुलता या बंद रहता है, यह बताना बहुत मुश्किल है। यहां से वह सीधे बबीना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। सीएचसी परिसर में चारों ओर गंदगी की भरमार थी। यहां एक महिला चिकित्सक गायब मिली। उन्होंने उपस्थिति रजिस्टर देखा तो गायब महिला चिकित्सक की उपस्थिति दर्ज थी। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी उनकी अनुपस्थिति को लेकर कोई जवाब नहीं दे सके। इससे नाराज सीएमओ ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से महिला चिकित्सक के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
उधर, सीएमओ ने कहा है कि लापरवाही को लेकर कर्मचारियों व डाक्टरों को चेतावनी दी जा रही है। अगर भविष्य में वह सुधार नहीं लाएंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


जननी शिशु सुरक्षा योजना का शुभारंभ आज


झांसी। एक साल से लंबित पड़ी जननी शिशु सुरक्षा योजना का शुभारंभ बुधवार को सायं चार बजे जिला अस्पताल प्रांगण में किया जाएगा। मुख्य विकास अधिकारी योजना के तहत 16 एंबुलेंस को हरी झंडी दिखा कर रवाना करेंगे।
शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने जनपद में जननी शिशु सुरक्षा योजना को लागू किया है। इसके तहत प्रतिमाह 100 से ज्यादा डिलीवरी वाले अस्पतालों एवं स्वास्थ्य केंद्रों में प्रसूता के लिए वाहन व भोजन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इस योजना का लाभ जिला महिला अस्पताल, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज, बबीना, बड़ागांव, गुरसरांय, बामौर, मऊरानीपुर, बंगरा, मोंठ, चिरगांव के सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, न्यू पीएचसी समथर व न्यू पीएचसी बघेरा को मिलेगा।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. विनोद यादव ने कहा है कि इस योजना को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गईं हैं।

क्या है जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम ?
झांसी। जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत चिह्नित अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं को सात दिनों तक मुफ्त भोजन व नाश्ता की सुविधा रहती है। साथ ही दवाइयां व सभी प्रकार की जांचें भी मुफ्त में प्रदान की जातीं हैं। प्रसव के बाद महिला को अस्पताल से उसके घर तक छोड़ने की जिम्मेदारी एंबुलेंस की होती है, जो जेएसएसके के तहत संचालित की जाती है।

क्यों एक साल लटकी रही योजना?
झांसी। शासन ने सन 2011 में इस योजना की शुरुआत की थी। इसी क्रम में झांसी में भी योजना के शुभारंभ की तैयारियां पूरी की गई थीं, लेकिन उद्घाटन समारोह में जिलाधिकारी ने वाहनों की खराब हालत व लॉग बुक्स की अधूरी व्यवस्था देख योजना का उद्घाटन करने से ही मना कर दिया था। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने वाहनों का टेंडर निरस्त करते हुए जांच के लिए कमेटी बनाई थी। हालांकि, बाद में जांच कमेटी ने मामले को रफा दफा कर दिया। एक साल में तीन से ज्यादा बार टेंडर जारी होने के बाद भी कोई वाहन संचालक योजना को चलाने के लिए तैयार नहीं हुआ। इसी कारण यह योजना एक साल तक ठप रही।

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