बिन किताब कैसे हो पढ़ाई?

Jhansi Updated Fri, 31 Aug 2012 12:00 PM IST
झांसी। शिक्षण सत्र के दो माह बीतने के बाद भी हजारों बच्चे पाठ्य पुस्तकों से वंचित हैं। बेसिक शिक्षा विभाग अब तक जिले के केवल चार क्षेत्रों में ही पुस्तकों के शत प्रतिशत वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित कर सका है। ऐसे में बच्चे बगैर किताबों के ही स्कूल जाने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। बावजूद, इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
‘पुस्तक’ शिक्षा की अहम कड़ी मानी जाती है। इसी के मद्देनजर सर्व शिक्षा अभियान के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा एक से आठवीं तक के बच्चों को नि:शुल्क किताबें मुहैया कराने की व्यवस्था बनाई गई है। नियमानुसार प्रकाशकों को बेसिक शिक्षा विभाग को 30 जून किताबों की शत प्रतिशत आपूर्ति करनी थी, ताकि विद्यालय खुलते ही बच्चों को किताबें मुहैया कराई जा सके। लेकिन, यह नियम कागजों में ही कैद होकर रह गया। धरातल पर स्थिति एकदम इतर है। शिक्षण सत्र को शुरू हुए दो माह पूरे हो चुके हैं, परंतु विभाग अब तक केवल बबीना, बड़ागांव, गुरसरांय ब्लाक तथा झांसी नगर क्षेत्र को शत प्रतिशत पुस्तकें उपलब्ध करा पाया है। चिरगांव, मोंठ, बंगरा, बामौर व मऊरानीपुर विकासखंड में किताबों की आपूर्ति आधी अधूरी ही है। ऐसे में हजारों बच्चे बिना किताबों के ही पढ़ने को मजबूर हैं, जिससे उनकी पढ़ाई खासी प्रभावित हो रही है। गौरतलब है कि जिले में प्राइमरी की 5,32,303 व जूनियर की 8,39,533 किताबें बंटनी हैं।
बीएसए सतीश कुमार ने बताया कि प्रकाशकों द्वारा आपूर्ति में की गई देरी की वजह से किताबों की वितरण व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। एक सप्ताह के भीतर सभी बच्चों के हाथ में किताबें पहुंच जाएंगी।

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