गिरने के कगार पर ऐतिहासिक दतिया गेट

Jhansi Updated Mon, 27 Aug 2012 12:00 PM IST

झांसी। झांसी किले की जिन दीवारों को दुश्मन के गोले तक न भेद सके वे अब रखरखाव के अभाव में जीर्ण शीर्ण हो चुकीं हैं। दीवारें दरकने लगीं हैं और कभी भी ध्वस्त होकर धराशाई हो सकतीं हैं।
झांसी की सुरक्षा के लिए प्राचीन नगर की सीमा पर किले की चारदीवारी बनाई गई थी, जिसमें दस दरवाजे लगे थे। चारदीवारी और उसके दरवाजों को संरक्षित करने की दिशा में कभी कोई कदम नहीं उठाया गया। बरसात के इस मौसम में इनके जमींदोज होने का खतरा बढ़ गया है। दतिया गेट की स्थिति सबसे बदतर है। यहां कभी भी परकोटा ध्वस्त हो सकता है। परकोटे की दीवार के नीचे आर पार निकलने लायक छेद हो गया है और कई जगह दरारें पड़ गई हैं। दतिया गेट का मजबूत लकड़ी का दरवाजा भी गिरने के कगार पर है। इस मार्ग से हर समय आवागमन होता रहता है। ऐसे में दीवार गिरने से बड़ी दुर्घटना हो सकती है। स्थानीय लोगों की मानें तो प्रशासन ने इसका जीर्णोद्धार नहीं कराया तो यह दरवाजा भी खंडेराव गेट की तरह समाप्त हो जाएगा।

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