वाणिज्य कर विभाग के अफसर की जांच तेज

Jhansi Updated Sun, 26 Aug 2012 12:00 PM IST
झांसी। वाणिज्य कर विभाग ने तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन के खिलाफ की गई शिकायतों की जांच में तेजी आ गई है। अफसर वर्तमान में वाराणसी स्थित मेंबर ट्रिब्यूनल के पद पर कार्यरत है एवं 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होना है। इस कारण मुख्यालय ने शिकायतों पर 28 अगस्त तक टिप्पणी मांगी है।
तत्कालीन एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन निर्मल चंद्र पांडे के खिलाफ एक दर्जन से अधिक शिकायतें लंबित हैं। इनमें लखनऊ के विकास नगर निवासी अनुरोध सिंह ने 14 जून 2011, इलाहाबाद के निरुपमा कालोनी निवासी डिप्टी कमिश्नर रामकुमार ने 26 सितंबर 2011 व 10 मार्च 2012, कैलाश होटल एवं रेस्टोरेंट प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर के एन गुप्ता ने 15 अगस्त 2009 व 30 मार्च 2012, कानपुर के अधिवक्ता हरदास अग्रवाल ने 04 फरवरी 2012 व 05 मार्च 2012, कैलाश रेजीडेंसी निवासी राधेश्याम गुप्ता ने 31 जुलाई 2011, पत्रकार गिरीश चंद्र सक्सेना ने 15 दिसंबर 2011, टैक्स बार एसोसिएशन के तत्कालीन अध्यक्ष हंसराज अग्र्रवाल ने 23 अक्तूबर 2010, उत्तर प्रदेश टैक्स बार एसोसिएशन लखनऊ के संयुक्त सचिव सौरभ सिंह गहलोत ने 04 अक्तूबर 2010 को कमिश्नर मुख्यालय को शिकायत दर्ज कराई थी। अफसर के खिलाफ नियम विरुद्ध बड़े व्यापारियों को लाभ पहुंचाने जिससे राजस्व की हानि होने, विभागीय कर्मियों व अफसरों का उत्पीड़न करने, केंद्रीय मंत्री की अनदेखी करने, जिन ठेकेदारों पर टैक्स लगना था उसके लिए अनुमति न देना, हठधर्मी कर टैक्स बार एसोसिएशन से कमरा छीनना, धारा 21(2) के अंतर्गत दुबारा केस खोलने की अनुमति न देना आदि शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। शिकायतों की जांच कमिश्नर मुख्यालय हिमांशु व एडिशनल कमिश्नर मुख्यालय कामिनी रतन चौहान कर रही हैं। उन्होंने झांसी जोन के एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू से 28 अगस्त तक शिकायतों पर टिप्पणी मांगी है।
मालूम हो कि बरेली में ज्वाइंट कमिश्नर के पद पर कार्य करते समय भी निर्मल चंद्र पांडे के खिलाफ आरोप लगा था, उसकी विभागीय जांच भी अंतिम चरण में चल रही है।


दो साल में लिया 1.90 लाख चिकित्सा व्यय
झांसी। स्वरूप नगर निवासी आर के खरे ने प्रमुख सचिव संस्थागत वित्त कर एवं निबंधन उत्तर प्रदेश शासन को पत्र लिखकर निर्मल चंद्र पर फर्जी बिल बाउचर पर अस्वस्थ घोषित कर चिकित्सा व्यय लेने का आरोप लगाया था। इस संबंध में उसने 05 अगस्त 2011 को छह बिंदुओं पर जनसूचना अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी थी, लेकिन एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन के मद में प्राप्त भुगतान और बिल बाउचर जांच रिपोर्ट एवं अन्य पर्चे की कोई सूचना तथा छाया प्रतियां नहीं दी गईं। इस पर कमिश्नर के पत्रांक 1361 पर डिप्टी कमिश्नर प्रशासन द्वारा निर्मल चंद्र की व्यक्तिगत पत्रावली से जो जानकारी दी गई, उसके अनुसार उन्होंने वित्तीय वर्ष 2012-11 में 25,630 रुपये स्वयं की चिकित्सा, 27,928 रुपये स्वयं व पत्नी की चिकित्सा व वित्तीय वर्ष 2011-12 में 51,000 पत्नी की चिकित्सा, 46,758 स्वयं, पत्नी एवं पुत्री की चिकित्सा व 39,258 स्वयं की चिकित्सा पर लाभ लिया। उन्होंने दो साल में चिकित्सा मद में कुल 1,90,574 रुपये का लाभ लिया।

Spotlight

Most Read

Lucknow

यूपी पुलिस भर्ती को लेकर युवाओं में जोश, पहले ही दिन रिकॉर्ड रजिस्ट्रेशन

यूपी पुलिस में 22 जनवरी से शुरू हुआ फॉर्म भरने का सिलसिला पहले दिन रिकॉर्ड नंबरों तक पहुंच गया।

23 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: यूपी के इस टोल प्लाजा पर MLA के रिश्तेदार का तांडव!

यूपी में टोल प्लाजा पर मारपीट की घटना कोई नई बात नहीं है। झांसी में टोल टैक्स मांगने पर खुद को विधायक का रिश्तेदार बताया और टोल कर्मियों की पिटाई कर दी। हालांकि ये साफ नहीं है कि ये कौन लोग हैं।

4 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper