पुरानी बंधियों को बताया जा रहा नया!

Jhansi Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
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झांसी। रामगंगा कमांड विभाग अभी ओवर लेपिंग से मुक्त भी नहीं हुआ कि फिर नए विवाद में फंस गया है। इस बार केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री एवं बबीना के विधायक ने पुरानी बंधियों को नया बताकर बुंदेलखंड विशेष पैकेज के पैसे में अनियमितताएं बरते जाने का शक जाहिर किया है। जनप्रतिनिधि द्वय ने विभाग के कार्यों की जांच के लिए टीम गठित करने के निर्देश जिलाधिकारी को दिए हैं।
बुंदेलखंड की कृषि की दशा सुधारने के लिए जारी किए गए बुंदेलखंड विशेष पैकेज में से एक अरब एक करोड़ इक्यासी लाख रुपये 84,845 हेक्टेअर क्षेत्र में बंधियों के निर्माण के लिए दिए गए हैं। बंधियों का निर्माण इंटीग्रेटिड वाटर शैड मैनेजमेंट प्रोग्राम (आईडब्लूएमपी) योजना के तहत होना है। इसमें से 3263 लाख रुपये से 27,195 हेक्टेअर में भूमि संरक्षण विभाग (राष्ट्रीय जलागम) की झांसी, चिरगांव, मऊरानीपुर एवं झांसी मैदानी इकाई को काम कराना है, जबकि 6918 लाख रुपये से 57,650 हेक्टेअर में रामगंगा कमांड की इकाइयों को काम कराना है। राष्ट्रीय जलागम द्वारा अभी भौतिक कार्य शुरू नहीं किया गया है, जबकि रामगंगा कमांड द्वारा 446 लाख रुपये खर्च कर 2,315 हेक्टेअर में बंधियां बना दी गई हैं। ये बंधियां सवालों के घेरे में आ गई हैं।
केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन ने आशंका जाहिर की है कि आईडब्लूएमपी के तहत जिन बंधियों का निर्माण दिखाया गया है वह नई नहीं हैं, बल्कि पहले से बनी हैं। उनमें थोड़ा सा काम दिखा कर नया दिखा दिया गया है। बबीना के विधायक कृष्णपाल सिंह राजपूत ने भी इसी तरह के आरोप लगाए हैं। दोनों जनप्रतिनिधियों ने बंधियों के निर्माण की जांच कराने के लिए तकनीकी टीम बनाने के निर्देश दिए हैं, जिसमें जनता के प्रतिनिधियों को भी रखने को कहा गया है। जिलाधिकारी गौरव दयाल ने मुख्य विकास अधिकारी को टीम बनाने के निर्देश दिए हैं।

यहां बन रही हैं बंधियां
रामगंगा कमांड द्वारा वर्ष 2009-10 में गुरसरांय विकासखंड के 12,734 हेक्टेअर, बंगरा विकासखंड के 4,816 हेक्टेअर में, वर्ष 2010-11 में बामौर विकासखंड के 16,300 हेक्टेअर, बामौर व गुरसरांय विकासखंड के 6,070 हेक्टेअर, गुरसरांय विकासखंड के 5,600 हेक्टेअर, गुरसरांय व चिरगांव विकासखंड के 5,600 हेक्टेअर एवं मोंठ व चिरगांव विकासखंड के 5,530 हेक्टेअर में से अनेक जगह बंधियों का निर्माण कर दिया गया, जबकि बाकी पर काम चल रहा है। वहीं राष्ट्रीय जलागम द्वारा बामौर के 31, बंगरा के 68, मऊरानीपुर के 23, बबीना के 16, बड़ागांव के 38 एवं गुरसरांय के 27 गांवों में किसानों के समूह बना दिए गए हैं और बंधी निर्माण के लिए जगह का चयन किया जा रहा है।

12,905 हेक्टेअर क्षेत्र में ओवरलेपिंग
रामगंगा कमांड को शुरुआत में 97 हजार हेक्टेअर में बंधी निर्माण के लिए भूमि सुधार करने का लक्ष्य दिया गया था। विभाग ने लगभग 40 हजार क्षेत्र की ऊबड़खाबड़ जमीन को सही कर दिया। उसने जिस भूमि को सुधारना बताया उसमें से 12905 हेक्टेअर भूमि में सुधार कार्य कराने की रिपोर्ट कृषि विभाग पहले ही दे चुका था। इसे ओवर लेपिंग मानते हुए प्रशासन ने शासन को पत्र लिखा था जिस पर शासन ने 40 हजार हेक्टेअर में से ओवर लेपिंग वाली 12905 हेक्टेअर भूमि हटाकर शेष 27195 हेक्टेअर भूमि में बंधी निर्माण का कार्य राष्ट्रीय जलागम को दे दिया है।

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