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अब एसएफएस शिक्षकों को भी मिलेगा फंड

Jhansi Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
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झांसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के नियमित शिक्षकों की तरह अब एसएफएस शिक्षकों और संबद्ध कालेजों के शिक्षकों को भी शादी, बीमारी व इमरजेंसी के समय आर्थिक सहायता मिलेगी। जल्द ही इसके लिए शिक्षक कल्याण कोष का गठन किया जा रहा है।
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तीन दशक पूर्व विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों के हितार्थ शिक्षक कल्याण कोष का गठन किया था। इस कोष से विश्वविद्यालय परिसर के नियमित शिक्षकों को इलाज, बच्चों की शादी अथवा अन्य जरूरत के समय आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। कोष में पैसे की व्यवस्था वार्षिक परीक्षाओं में मूल्यांकन कार्य करने वाले शिक्षकों के पारिश्रमिक में से पांच फीसदी की कटौती करके की जाती है। मूल्यांकन के दौरान करीब 12 लाख उत्तर पुस्तिकाओं को जांचने के लिए 500 से ज्यादा शिक्षकों की जरूरत पड़ती है। शिक्षकों को इसके लिए प्रति उत्तर पुस्तिका 15 रुपये (यूजी) व 18 रुपये (पीजी) मिलते हैं। सत्र के दौरान एक शिक्षक करीब 40 हजार रुपये तक का मूल्यांकन कार्य कर सकता है। मूल्यांकन के लिए परिसर के नियमित व एसएफएस शिक्षक, कालेजों के शिक्षक समेत अन्य विश्वविद्यालयों के भी शिक्षक आते हैं, लेकिन कोष का लाभ सिर्फ परिसर के नियमित शिक्षकों को ही मिलता है। वर्तमान मेें परिसर में 38 नियमित व 164 एसएफएस शिक्षक हैं। जाहिर सी बात है कि मूल्यांकन कार्य में एसएफएस शिक्षकों की अधिकता रहती है। पारिश्रमिक से कटौती होने के बाद भी कोष का लाभ न मिलने के कारण एसएफएस शिक्षक इसका विरोध करते थे। एसएफएस शिक्षकों की मांग को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने परिसर के नियमित शिक्षक, कालेजों के शिक्षक व एसएफएस शिक्षकों के लिए अलग- अलग फंड की स्थापना करने का निर्णय लिया। इसे कार्यपरिषद से अनुमति मिल गई है। फंड की व्यवस्था अगले सत्र व नए सिरे से होगी। शिक्षकों को किस मद में कितनी आर्थिक सहायता दी जाएगी, इसका निर्णय कमेटी करेगी। उप कुलसचिव अखिलेश पाल का कहना है कि नई व्यवस्था को शीघ्र ही लागू कर दिया जाएगा।

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