मलेरिया ने पांव पसारे, अस्पतालों में मरीजों का डेरा

Jhansi Updated Thu, 23 Aug 2012 12:00 PM IST
झांसी। जिले में मलेरिया पांव पसार रहा है। लगातार हो रही बरसात से आई नमी के चलते मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। इसके चलते अस्पतालों में मलेरिया पीड़ित मरीजों की संख्या दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। आने वाले समय में मच्छरों का हमला और तेज होगा।
जुलाई से अक्टूबर तक का समय मच्छरों की आबादी मेें वृद्धि के लिए अनुकूल माना जाता है। बरसात के दौरान जगह- जगह भरे पानी में मच्छरों के लार्वा पनपते हैं। लार्वा से मच्छरों का विकास होता है, जो मनुष्य पर हमला कर उसे मलेरिया रोगी बना देते हैं। इस साल मानसून थोड़ा विलंब से आया, इस कारण गत माह तक मलेरिया रोगियों की संख्या पिछले वर्षों की अपेक्षा बहुत कम रही। जिला मलेरिया विभाग के अनुसार जनवरी से जुलाई माह तक जिले के अलग-अलग ब्लॉकों में 19,529 बुखार के मरीजों के ब्लड की जांच की गई। इस दौरान मात्र 191 मरीजों को मलेरिया से ग्रसित पाया गया। लेकिन, अगस्त माह में हो रही अच्छी बरसात से मच्छरों की संख्या में खासी वृद्धि हो गई है। इससे मलेरिया के रोगियों की संख्या भी बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल के मेडिसिन विभाग में बुखार से पीड़ित करीब दो दर्जन मरीज प्रतिदिन इलाज के लिए आ रहे हैं। पैथालॉजी विभाग में जांच के बाद करीब आधा दर्जन लोग मलेरिया से पीड़ित पाए जा रहे हैं। वहीं, महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कालेज के मेडिसिन विभाग में प्रतिदिन आने वाले एक दर्जन मरीजों में से आधा दर्जन मलेरिया से ग्रसित पाए जा रहे हैं। प्राइवेट अस्पतालों में भी बड़ी संख्या में मलेरिया के रोगी उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डा. वी वी आर्या का कहना है कि रोगियों की संख्या को देखते हुए दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है।


मलेरिया के हाईरिस्क जोन
झांसी। मलेरिया विभाग के अनुसार बंगरा ब्लॉक का ग्राम पालर व सकरार, मऊरानीपुर का ग्राम बड़ागांव, रुपा धमना, धवाकर, रेवन, ककवारा, स्यावरी, गुरसरांय ब्लॉक का ग्राम पंडवाहा, बड़ागांव ब्लॉक का ग्राम बराठा व भोजला, चिरगांव ब्लॉक का रामनगर, मोंठ का ग्राम भरोसा, कुम्हारार, जुआर व बबीना ब्लॉक का नया खेड़ा गांव हाई रिस्क जोन में शामिल है। यहां की करीब 1.72 लाख आबादी मलेरिया संवेदनशील इलाके में रहती है।

ऐसे होता है मलेरिया
झांसी। मादा एनाफिलीज नामक मच्छर के काटने से मनुष्य के शरीर में प्लाज्मोडियम फेल्सीपेरम जीवाणु प्रवेश कर जाते हैं। यह शरीर के आंतरिक हिस्से जैसे दिल, दिमाग, फेफड़े व गुर्दे को प्रभावित करते हैं।

मस्तिष्क आघात का खतरा
झांसी। मलेरिया में मरीज की देखभाल की विशेष जरूरत होती है। थोड़ी सी लापरवाही में मरीज की जान जा सकती है। चिकित्सकों के अनुसार अगर मलेरिया के मरीजों का उपचार सही समय पर न किया जाए तो उसे मस्तिष्क आघात (ब्रेन हैमरेज) का खतरा रहता है। शरीर में मौजूद प्लाज्मोडियम फेल्सीपेरम जीवाणु दिमाग तक पहुंचने से ब्रेन हैमरेज की संभावना 70 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। कई बार मरीज के ठीक होने के बाद भी वह विकृतियां से ग्रसित हो जाते हैं। इसमें याद्दाश्त कमजोर होना, बेहोशी, चक्कर आना आदि की संभावना रहती है।

मलेरिया के लक्षण
- सर्दी के साथ एक दिन छोड़कर बुखार आना
- बुखार उतरने के बाद पसीना आना
- उल्टी, सिरदर्द और कमजोरी होना

मलेरिया से बचाव
- पानी को एक जगह रुकने न दें
- मच्छरों से बचने को सरसों या नीम का तेल लगाएं
- घर में कीटनाशक दवा का छिड़काव करें
- बुखार होने पर रक्त की जांच अवश्य कराएं

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

Spotlight

Most Read

Patiala

यूनिक आईडी कार्ड जारी होगा दिव्यांगों को

यूनिक आईडी कार्ड जारी होगा दिव्यांगों को

20 फरवरी 2018

Related Videos

आचरण के हिसाब से सीनियर नेता नहीं यशवंत सिन्हा: डॉ महेंद्र नाथ पांडेय

झांसी पहुंचे बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि यशवंत सिन्हा अब आचरण के हिसाब से पार्टी के सीनियर नेता नहीं रहे। यह बात उन्होंने यशवंत सिन्हा के गैर राजनैतिक पार्टी बनाने की घोषणा पर किए सवाल पर कहीं।

16 फरवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Switch to Amarujala.com App

Get Lightning Fast Experience

Click On Add to Home Screen