मिल बैठकर सुधारेंगे स्मारकों की दशा

Jhansi Updated Mon, 20 Aug 2012 12:00 PM IST
झांसी। विभागों में सामंजस्यता की कमी और आपसी मतभेद का खामियाजा प्राचीन स्मारकों को भुगतना पड़ रहा है। राष्ट्रीय धरोहर घोषित हो चुके इन स्मारकों के विकास के लिए मंडलायुक्त ने चार विभागों की सामूहिक बैठक बुलाई है। अधिकारी 21 अगस्त को आपस में बैठकर स्मारकों के सुंदरीकरण की प्लानिंग करेंगे।
झांसी का किला, रानी महल, महाराजा गंगाधर राव की छतरी, रघुनाथ राव का महल, गजरा बाई का मकबरा, कुत्ते की मजार, झोकनबाग की सेमेट्री, बरुआसागर का जराय का मठ, मऊरानीपुर का मेड़ा मंदिर, एरच की जामा मसजिद, कालपी का चौरासी मठ एवं बामौर का गैराहा मंदिर जनपद के चुनिंदा स्मारक हैं जिन्हें पुरातत्व विभाग ने अपने संरक्षण में ले रखा है। यहां कोई भी संगठन या विभाग किसी भी प्रकार की सफाई आदि नहीं करा सकता। पिछले दिनाें मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह मुद्दा जोर शोर से उठाया गया था, जिसमें कहा गया था कि पुरातत्व विभाग स्मारकों के सुंदरीकरण की इजाजत नहीं देता जिससे वहां गंदगी का आलम है। उप्र पुरातत्व विभाग के प्रतिनिधियों ने स्मारकों को राष्ट्रीय पुरातत्व विभाग के अधीन बताकर कुछ भी करने में असमर्थता जताई थी।
मंडलायुक्त सत्यजीत ठाकुर ने इसे गंभीरता से लिया है। उन्होंने पुरातत्व विभाग के राष्ट्रीय व प्रदेश कार्यालय, नगर निगम एवं पर्यटन विभाग के अधिकारियों को मंगलवार को शाम चार बजे अपने कार्यालय में बुलाया है। इस दौरान चारों विभागों के अधिकारी आपस में बैठकर स्मारकों के सुंदरीकरण व रखरखाव की रणनीति तय करेंगे ताकि वहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ सके।

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