टीवी- इंटरनेट के दौर में किताबों के कद्र दान

Jhansi Updated Sat, 28 Jul 2012 12:00 PM IST
झांसी। टीवी और इंटरनेट के इस दौर में भी किताबों के कद्र दान हैं। सन 1959 से संचालित जिला राजकीय पुस्तकालय में साल दर साल किताबों के साथ- साथ कद्र दान भी बढ़ते जा रहे हैं।
बावन साल पुराने जिला राजकीय पुस्तकालय में नगर के कई विद्वानों ने अपना कीमती वक्त गुजारा है। यह सिलसिला जारी है। पिछले दस साल में राजकीय पुस्तकालय में किताबों के साथ सदस्यों की संख्या भी बढ़ती जा रही है। सन 2002-03 में राजकीय पुस्तकालय में जहां किताबों की संख्या 35,122 व पढ़ने वाले सदस्य 2017 हुआ करते थे, अब किताबों की संख्या 44 हजार हो गई है और पढ़ने वाले सदस्य 2,365।
राजकीय पुस्तकालय के प्रभारी पुस्तकालय अध्यक्ष पवन अग्रवाल ने बताया कि पुस्तकालय में हर तीन माह में किताबें आती रहती हैं, जिससे कि यहां किताबों की संख्या बढ़ रही है। रोजाना पुस्तकालय में आकर पढ़ाई करने वाले लोगों की संख्या भी करीब 300 से 400 तक पहुंच जाती है।

सीरियल्स में उलझी महिलाएं
टीवी सीरियल्स के इस दौर में राजकीय पुस्तकालय में महिला पाठकों की संख्या जरूर कम होती जा रही है। पुस्तकालय में आने वाले पाठकों में पहले जहां बीस फीसदी युवतियां और महिलाएं हुआ करती थीं वहीं अब केवल 10 फीसदी महिलाएं ही पुस्तकालय में आकर वक्त गुजारती हैं। वहीं महिला सदस्यों की संख्या में भी काफी कमी आई है।

साल दर साल स्थिति
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सन किताबें सदस्य
1999- 2000 32,866 1782
2000-01 33,090 1802
2000-02 34,470 1881
2002-03 35,122 2017
2003-04 37,408 2076
2004-05 37,645 2123
2005-06 38,186 2182
2006-07 38,910 2243
2007-08 39,627 2275
2008-09 42,606 2303
2010-11 43,215 2336
2011-12 44,078 2365
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