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सोनभद्र से जुड़े हैं पंकज की हत्या के तार

Varanasi Bureauवाराणसी ब्यूरो Updated Sun, 16 Feb 2020 12:27 AM IST
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34-  डोभी क्षेत्र के बजरंगनगर में दिनदहाड़े युवक की हत्या के बाद चक्का जाम करते लोग।
34- डोभी क्षेत्र के बजरंगनगर में दिनदहाड़े युवक की हत्या के बाद चक्का जाम करते लोग। - फोटो : JAUNPUR
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जौनपुर। बजंरग नगर बाजार में दिनदहाड़े हुई युवा व्यापारी पंकज सिंह की हत्या ने सनसनी फैला दी है। बदमाशों ने जिस तरह से वारदात को अंजाम दिया है, उससे यह अनुमान लगाया जा रहा है कि पंकज की हत्या के तार सोनभद्र या मिर्जापुर से जुड़े हो सकते हैं। मई 2012 में सोनभद्र के युवा अधिवक्ता आलोक राय उर्फ अंशू की हत्या भी ऐसे ही फोन कर घर से बाहर बुलाने के बाद की गई थी। इस मामले में पंकज और उसका भाई सूरज नामजद किए गए थे। पांच वर्ष पूर्व सूरज की मिर्जापुर में हत्या हो गई थी, जिसके केस की पैरवी पंकज ही कर रहे थे।
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पंकज सिंह का परिवार पहले सोनभद्र में ही रहता था। एक मई 2012 की सुबह सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और युवा अधिवक्ता आलोक राय उर्फ अंशू की तब गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जब वह क्रिकेट खेलने के बाद घर लौट रहे थे। किसी ने उन्हें फोन पर रेलवे फाटक के पास बुलाया और वहां पहुंचते ही बाइक सवार युवकों ने सीने में गोली मार दी थी। इस मामले में पंकज उसका भाई सूूरज समेत पांच लोगों पर नामजद केस दर्ज हुआ था। वर्ष 2014 में सूरज की मिर्जापुर में हत्या हो गई थी। इसमें बदमाशों के आपसी समूह में पैसे के लेन-देन का कारण सामने आया था। बताते हैं कि छोटे भाई की हत्या के मामले में पंकज मजबूती से पैरवी कर रहे थे। इसे लेकर पहले धमकी भी मिल चुकी थी। पंकज की हत्या के तार इन्हीं दो घटनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है। घटना के पीछे पुरानी रंजिश को ही कारण माना जा रहा है। पुलिस को दिए बयान में भी घरवालों ने पुरानी रंजिश में ही हत्या की बात कही है।
सीसी टीवी फुटेज से मिल सकता है सुराग
घटनास्थल के आसपास मौजूद दुकानों पर लगे सीसी टीवी कैमरों से पुलिस को अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। घटना के बाद पुलिस ने इन कैमरों को खंगालने की कोशिश की, लेकिन दहशत में ज्यादातर दुकानें बंद कर लोग चले गए थे। माना जा रहा है कि कैमरों से बदमाशों का हुलिया, बाइक का नंबर सहित अन्य जानकारी मिल सकती है।
व्यवहार कुशल था पंकज
पंकज की हत्या से बाजार के लोग सन्न हैं। लोगों की मानें तो पंकज बेहद व्यवहारकुशल था। उसके लोगों से अच्छे संबंध थे। वर्ष 2015 में वह पंचायत चुनाव भी लड़ चुका था। उसकी हत्या की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। मां, पत्नी और दो बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घरवालों से बातचीत में पुरानी रंजिश में हत्या की बात सामने आई है। इसी विवाद में 2014 में पंकज के छोटे भाई की भी हत्या हुई थी। तीसरे भाई शक्ति सिंह की तहरीर पर तीन अज्ञात बदमाशों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन की जा रही है। -अशोक कुमार, एसपी।
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