सत्यापन के नाम पर मची लूट

Jaunpur Updated Mon, 29 Oct 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। पहले रसोई गैस के दाम बढ़े और अब सत्यापन, केवाईसी फार्म भरने के नाम पर लूट मची है। गैस एजेंसियों पर कोई फिक्स रेट नहीं है। जिससे जितना मिल जाए उतना वसूले जा रहे हैं। स्थिति धीरे-धीरे बेकाबू होती जा रही है। यदि यही स्थिति रही तो गैस एजेंसियों की हालत भी कोटेदार जैसे हो जाएगी। विरोध प्रदर्शन और हंगामे के दौर भी शुरू होंगे। इसके इतर गैस एजेंसियों के एरिया सेल्स अफसर दावा करते हैं कि कहीं भी कोई पैसा नहीं वसूला जा रहा। इतना ही नहीं इंडेन के एरिया सेल्स अफसर 35 रुपये की वसूली को जायज ठहराते हुए ब्लू बुक के नाम पर पैसा जमा कराने की बात कह रहे हैं। ऐसे में अंदाजा लगाया जा सकता है कि रसोई गैस की क्या हालत है।
रसोई गैस के दाम बढ़े तो उतना हल्ला नहीं मचा जितना इन दिनों मचा हुआ है। हालत यह हो गई है कि हर तीन महीने पर सत्यापन कराया जा रहा। तीन महीने पहले सत्यापन करा चुके उपभोक्ताओं को फिर से सत्यापन के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है। यह तब है जब गैस एजेंसियां उपभोक्ताओं के घर रसोई गैस पहुंचाने के नाम पर दस रुपये प्रति सिलेंडर वसूलती हैं। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब एजेंसियों के हाकर घर तक जाते हैं तो उपभोक्ताओं से क्यों सत्यापन कराया जा रहा है। सत्यापन के नाम पर अवैध धन उगाही भी जारी है। रविवार को अमर उजाला ने शहर के लाइनबाजार स्थित दो प्रमुख एजेंसियों जौनपुर गैस सर्विस तथा आशीर्वाद गैस सर्विस पर तहकीकात कराई। जौनपुर गैस सर्विस पर सत्यापन और केवाईसी फार्म जमा करने पहुंचे सुंदर नगर के ध्रुवराज प्रजापति, नईगंज के अभयराज ने बताया कि उनसे 35 रुपये जमा कराए गए। यह भी नहीं बताया जा रहा है कि यह पैसा क्यों जमा कराया जा रहा है। बदले में कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है। गैस एजेंसी के बाहर गुमटी पर पांच रुपये में केवाईसी फार्म बेचा जा रहा है। एजेंसी से ही बता दिया जा रहा है कि फार्म खत्म हो गए हैं और सामने की गुमटी से खरीद लें।
इसी तरह हालात भारत पेट्रोलियम की गैस एजेंसियों पर हैं। लाइनबाजार स्थित आशीर्वाद गैस सर्विस पर लाइन में लगे अहमद खां मंड़ी के अजीजुलहक का कहना है कि सत्यापन और केवाईसी के नाम पर 170 रुपये जमा करवाए जा रहे हैं और कोई रसीद भी नहीं दी जा रही है। ताड़तला एजेंसी में सत्यापन के नाम पर 60 रुपये जमा कराए जा रहे हैं। चारो ओर से उपभोक्ता ही मारा जा रहा है। केवाईसी और सत्यापन कराने की अंतिम तिथि 31 अक्तूबर होने के नाते उपभोक्ताओं की काफी परेशानी हो रही है। तेल कंपनियों के सेल्स अफसर किसी तरह की वसूली से इनकार करते हैं। कहते हैं कि सत्यापन और केवाईसी के नाम पर कोई पैसा नहीं लिया जाएगा।


वर्जन :
किसी भी उपभोक्ता से पैसा नहीं वसूला जा रहा है। कुछ लोगों ने जरूर 170 रुपये जमा किए होंगे लेकिन उन्हें सुरक्षा पाइप दी गई होगी। किसी को जबरदस्ती सुरक्षा पाइप नहीं दी जा रही है। उपभोक्ताओं को परेशान होनी की जरूरत नहीं है। सभी के सत्यापन और केवाईसी फार्म जमा किए जाएगे। एजेंसी के करीब 4200 उपभोक्ताओं ने सत्यापन नहीं कराए। इनके कनेक्शन लाक हो गए हैं। केवल इन्हीं उपभोक्ताओं के लिए 31 अक्तूबर अंतिम तिथि है। शेष अन्य उपभोक्ता 31 अक्तूबर तक केवाईसी जमा कर सकते हैं। - अशोक कुमार, गैस एजेंसी संचालक

वर्जन :
सत्यापन और केवाईसी के नाम पर उपभोक्ताओं से कोई पैसा नहीं लिया जाएगा। ऐसी कोई शिकायत भी नहीं मिली। सत्यापन कराने की अंतिम तिथि अभी 31 अक्तूबर है लेकिन उपभोक्ताओं के दबाव को देखते हुए तिथि बढ़ाई जा सकती है। कामर्शियल रसोई गैस सिलेंडर पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उपभोक्ता हर एजेंसी से प्राप्त कर सकते हैं। जनता के दबाव को देखते हुए सभी गैस एजेंसियां सोमवार की साप्ताहिक बंदी के दिन भी खुली रहेंगी। - स्वर्ण सिंह, एरिया सेल्स अफसर इंडेन।

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