डिग्री कालेज खोलना और आसान

Jaunpur Updated Tue, 11 Sep 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। नए महाविद्यालय खोलना अब और आसान हो गया। प्रदेश सरकार ने नए कालेजों को खोलने तथा नए पाठ्यक्रम संचालित करने की अनुमति देने का अधिकार कुलपति को सौंप दिया है। कुलपति की निगरानी में गठित समिति ऐसे मामलों में फैसला लेगी। नए कालेजों के भूमि अभिलेखों की जांच के लिए संबंधित डिप्टी कलेक्टर भी समित के सदस्य होंगे। डिप्टी कलेक्टर की एनओसी के बाद कालेज खोलने की कार्यवाही आगे बढ़ेगी। उच्च शिक्षा सचिव सुशील कुमार की ओर से नौ अगस्त को जारी नए शासनादेश के बाद विश्वविद्यालय के संबद्धता विभाग की कीमत भी बढ़ गई। संबद्धता पहले भी महत्वपूर्ण विभाग हुआ करता था और अब उसकी अहमियत और भी ज्यादा हो गई। नए कालेज खोलना तथा नए पाठ्यक्रमों के संचालन की अनुमति में संबद्धता विभाग का अहम रोल होता है।
उच्च शिक्षा अधिकारी सुशील कुमार की ओर से हाल ही में नौ अगस्त को जारी शासनादेश सें नए कालेजों और कालेजों में नए पाठ्यक्रमों के संचालन का अधिकार कुलपति को सौंप दिया गया है। पहले यह सभी मामले शासन स्तर पर निस्तारित होते थे। शासन स्तर पर इतनी देर हो जाती थी कि मुख्य परीक्षा तक संबद्धता के मामले निस्तारित होते रहते थे। कालेज इस उम्मीद में दाखिला ले लेते थे कि उनकी पत्रावली विवि से होते हुए शासन को भेज दी गई है। देर सबेरे संबद्धता मिल ही जाएगी। ऐसे में विश्वविद्यालयों का अपना सिस्टम खराब हो रहा था। ऐसी स्थिति और उच्च न्यायालय के एक आदेश के क्रम में शासन ने व्यवस्था में परिवर्तन कर दिया है। नए कोर्सों तथा नए कालेजों के संचालन की अनुमति अब विवि की कमेटी ही देगी। शासन ने यह भी साफ कर दिया है कि चालू शैक्षिक सत्र में 31 दिसंबर के बाद क्लीयरेंस प्रस्तावों पर यह स्पष्ट कर दिया जाएगा कि निर्गत की गई अनापत्ति अगले शैक्षिक सत्र से लागू होगी। यानी संबद्धता की पूर्व अनुमति दी जा रही है। नए शासनादेश से कुलपति के अधिकार बढ़ गए हैं। अब जो काम शासन करता था वही काम विश्वविद्यालय करेगा। इस व्यवस्था में विवि के संबद्धता विभाग की अहमियत सबसे ज्यादा होगी। सहायक कुलसचिवों की भी कोशिश होगी कि उन्हें संबद्धता के काम देखने का अवसर मिले लेकिन यह कुलपति की कृपा पर ही निर्भर होगा। सहायक कुलसचिव (संबद्धता) विद्यानंद त्रिपाठी ने पूछने पर स्वीकार किया कि शासनादेश जारी हो गया है और विवि ने शासनादेश के साथ जौनपुर, गाजीपुर, मऊ, आजमगढ़ के साथ इलाहाबाद के जिलाधिकारी को पत्र भेज दिया है। डीएम विवि के अनुरोध पर समिति के सदस्य के लिए डिप्टी कलेक्टर नामित करेंगे।

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