12 घंटे बाद पति ने लगाई फांसी

Jaunpur Updated Mon, 30 Jul 2012 12:00 PM IST
खुटहन (जौनपुर)। थाना क्षेत्र रसूलपुर गांव निवासी सत्य प्रकाश यादव ने शनिवार रात बगीचे में आम के पेड़ से लटक कर फांसी लगा ली। सुबह सत्य प्रकाश की पत्नी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई थी। पत्नी के शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही पति ने जान दे दी। पोस्टमार्टम के लिए दंपती का शव एक साथ भेजा गया। घटना को लेकर गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हैं।
सत्य प्रकाश (35) सुल्तानपुर के हरदेमऊ ब्लाक में प्राथमिक विद्यालय पर अध्यापक थे। इसके पहले वह सीआरपीएफ में एसआई पद पर तैनात थे। अध्यापक की नौकरी लगने के बाद सीआरपीएफ से इस्तीफा दे दिया था। वर्ष 2009 में सत्य प्रकाश की शादी बदलापुर के बलुआ मिरशादपुर निवासी मीनाक्षी से हुई थी। सत्य प्रकाश और मीनाक्षी सुल्तानपुर में ही रहते थे। शनिवार सुबह सत्य प्रकाश ने परिजनों और ससुरालवालों को खबर दी थी कि सर्पदंश से मीनाक्षी की मौत हो गई है। सुल्तानपुर पहुंचे सत्य प्रकाश के दो साले मीनाक्षी का शव लेकर सीधे खुटहन थाने पर पहुंचे थे। उनका कहना था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर किसी के खिलाफ तहरीर देंगे। घटना के बाद से सत्य प्रकाश भी अपने घर पर थे। रात में कुछ देर टहलने की बात कह कर सत्य प्रकाश घर से निकले और तीन सौ मीटर दूर बगीचे में जाकर दुपट्टे का फंदा बना कर आम के पेड़ से फंासी लगा ली। काफी देर बाद भी वह घर नहीं लौटे तो परिजन खोजने निकले। रामअधार यादव इंटर कालेज के सामने बगीचे में सत्य प्रकाश का शव लटकता देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में ले लिया। उधर, सुल्तानपुर से मीनाक्षी का शव लेकर खुटहन पहुंचने में परिवार के लोगों को शाम हो गई थी। इसलिए शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जा सका। रविवार को सत्य प्रकाश और मीनाक्षी का शव एकसाथ पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। गांव के लोगों की माने तो सत्य प्रकाश की इसके पहले भी दो शादी हो चुकी थी। एक शादी बचपन में और दूसरी सीआरपीएफ में चयन के बाद, लेकिन किन्हीं वजहों से दोनो रिश्ते टूट गए। एक वर्ष पूर्व सत्य प्रकाश और मीनाक्षी की शादी हुई। दोनों का एक डेढ़ माह का पुत्र भी है। घटना को लेकर गांव में जितने मुंह उतनी बातें हो रही हैं।

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बच सकती थी सत्य प्रकाश की जान
खुटहन। गांव में इस बात की चर्चा है कि पुलिस सक्रियता दिखाती तो सत्य प्रकाश की जान बच सकती थी। गांव के लोगों का कहना है कि मीनाक्षी की मौत का कारण भले ही सत्य प्रकाश ने सर्पदंश बताया हो लेकिन उसके शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के इंतजार में मीनाक्षी के भाइयों ने भले ही किसी पर आरोप तो नहीं लगाया था फिर भी पूछताछ के लिए पुलिस को सत्य प्रकाश को हिरासत में लेना चाहिए था। आशंका जताई जा रही है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर फंसने के डर से सत्य प्रकाश ने आत्महत्या कर ली। समय रहते अगर पुलिस ने उसे हिरासत में लिया होता तो शायद यह घटना न होती।

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अनाथ हुआ मासूम
खुटहन। मीनाक्षी और सत्य प्रकाश का पुत्र जन्म के कुछ समय बाद ही अनाथ हो गया। मां का आंचल छिनने के बाद पिता का साया भी उसके सिर से उठ गया। डेढ़ माह के मासूम को देख कर परिवार ही नहीं गांव के लोग भी रो पड़ रहे हैं। सत्य प्रकाश दो भाइयों में छोटे थे। वारदात के बाद से सत्य प्रकाश की मां समरत्थी, पिता जगदंबा, बड़े भाई जय प्रकाश का रो-रोकर बुरा हाल हो गया है।

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