जिला व क्षेत्र पंचायतों में संवैधानिक संकट,विकास प्रभावित

Jaunpur Updated Fri, 27 Jul 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। जिला पंचायत और तीन क्षेत्र पंचायतों में संवैधानिक संकट पैदा हो गई है। क्षेत्र पंचायतों में तो प्रशासक तैनात कर दिए गए लेकिन जिला पंचायत में अनिश्चितता की स्थिति बनी हुई है। पंचायतों के बोर्ड का कोरम पूरा नहीं होने की दशा में जिला योजना प्रभावित होना लाजिमी है। जब तक जिला पंचायत बोर्ड जिला योजना को अनुमोदित नहीं कर देता तब तक जिला पंचायत से विकास की कोई योजना पास नहीं होनी है। उधर, मंडलायुक्त ने 31 जुलाई तक जिला योजना तैयार कर रिपोर्ट मांगी है। क्षेत्र पंचायतों की योजना को भी जिला पंचायत ही अनुमोदित करता है। इस नाते देखा जाय तो विकास का पूरा मामला अधर में लटका हुआ है। यहां न तो प्रशासक की तैनाती हुई और न ही बोर्ड संचालन के लिए कोई समिति गठित हुई।
गौरतलब है कि जिला पंचायत अध्यक्ष अनीता सिद्धार्थ, सिकरारा ब्लाक प्रमुख माला गौतम, महराजगंज ब्लाक प्रमुख अभयराज यादव, मुफ्तीगंज ब्लाक प्रमुख सुदेश राय अविश्वास प्रस्ताव के जरिए पदच्यूत किए चुके हैं। सिकरारा ब्लाक में जिला विकास अधिकारी टीपी मिश्र प्रशासक के रूप में काम देख रहे हैं। मुफ्तीगंज में एसडीएम केराकत और महराजगंज में एसडीएम बदलापुर बतौर प्रशासक नियुक्ति हैं। जिला पंचायत में अध्यक्ष के न रहने की दशा में प्रशासक या फिर तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का अधिकार राज्य सरकार को है। यहां न तो प्रशासक तैनात हुआ और न ही तीन सदस्यीय कमेटी ही गठित हुई। जिला पंचायत सदन संचलन के लिए गठित होने वाली तीन सदस्यों की कमेटी के लिए जोड़ तोड़ जारी है। जिला पंचायत अध्यक्ष् व ब्लाक प्रमुखों के पद से हटने के बाद विकास की नई योजना लागू करने में लागू करने में कठिनाई आ रही है। जिला पंचायत में भी विकास कार्य ठप हैं और क्षेत्र पंचायतों में भी किसी नए काम को स्वीकृति नहीं मिल पा रही है। व्यवस्था यह है कि क्षेत्र पंचायतों से जिला योजना के लिए तैयार प्रस्ताव जिला पंचायत के बोर्ड की स्वीकृति के बाद ही जिला योजना में शामिले होते हैं। जब जिला पंचायत बोर्ड ही अधूरा है तो क्षेत्र पंचायतों के प्रस्तावों का भी कोई मतलब नहीं है। हालांकि सिकरारा के बीडीओ प्रवीणानंद कहते हैं कि ब्लाक की कार्ययोजना दस मई की बैठक में पास करा ली गई थी। इस नाते यहां जिला योजना से संबंधित कोई प्रस्ताव पेडिंग नहीं है। महराजगंज और मुफ्तीगंज में जिला योजना का प्रस्ताव भी अधूरा है। मुफ्तीगंज क्षेत्र पंचायत प्रमुख का पद तो पांच मई से ही रिक्त चल रहा है। लिहाजा बोर्ड की बैठक भी नहीं हो पाई। जिला पंचीयत में तब तक राज्य सरकार जिला पंचायत संचालन के लिए कमेटी गठित नहीं कर देती तब तक जिला योजना भी तैयार नहीं होगी। जिला योजना 31 जुलाई तक अनुमोदित कराना है लेकिन लगता नहीं कि जिला योजना अनुमोदित हो पाएगी। यदि कमेटी गठित भी हो जाती है तो बैठक कराने में ही कम से कम पांच दिन का वक्त लगेगा। अपर मुख्य अधिकारी उदयशंकर सिंह का कहना है कि जब तक जिला पंचायत संचालन के संबंध में कोई फैसला नहीं हो जाता तब तक जिला योजना का अनुमोदन नहीं हो सकता।

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