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विद्युत दुर्व्यवस्था पर फूटा जन आक्रोश

Jaunpur Updated Sat, 21 Jul 2012 12:00 PM IST
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जौनपुर। बिजली के लिए शहर में शुक्रवार को जमकर बवाल हुआ। जुमे की नमाज के बाद अटाला मस्जिद के बाहर जुटे नमाजियों और स्थानीय लोगों ने मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों का पुतला फूंक कर अपनी भड़ास निकाली। विरोध प्रदर्शन में शामिल हर शख्स बदहाल विद्युत व्यवस्था और नेताओं के कोरे आश्वासन से खिंचा नजर आ रहा था। एक साथ सैकड़ों की भीड़ जुटने से अहियापुर से किला और राजा बाजार से कोतवाली चौराहा मार्ग करीब घंटेभर तक जाम रहा। मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने वाहनों को पास करा कर किसी तरह रास्ता खाली कराया।
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शहर में लंबे समय से बिजली आपूर्ति व्यवस्था चौपट है। बीते दिनों जारी नए शेड्यूल ने समस्या और बढ़ा दी। एक हफ्ते से रात में आठ बजे से बारह बजे, भोर में चार बजे से छह बजे और दिन में 11 बजे से तीन बजे तक की रोस्टरिंग चल रही है। लोकल फाल्ट होने पर कटौती अलग से। अगर कहीं तार भी टूट गया तो ठीक करने में पूरा दिन लगा दिया जाता है। लंबे समय से विद्युत दुर्व्यवस्था झेल रहे लोगों का सब्र आखिरकार जवाब दे ही गया। दोपहर एक बजे अटाला मस्जिद में जुमे की नमाज के बाद बाहर निकले नमाजियों ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। बिजली का मुद्दा होने पर आस-पास के इलाकों से भी लोग पहुंच गए। सभी ने दुर्व्यवस्था के लिए जनप्रतिनिधियों को जिम्मेदार ठहराया। लोगों का कहना था बिजली कटौती ने दिनचर्या अस्त-व्यस्त कर दी है। रात की कटौती ने नींद हराम कर दी है। भीषण गर्मी में रात में दो शिफ्ट में पांच घंटे की कटौती से आधी रात जाग कर गुजारनी पड़ रही है। आपूर्ति के समय भी शहर के अधिसंख्य इलाकों में लो वोल्टेज रहता है। घंटो बिजली गुल रहने के दौरान अधिकारियों के नंबर बंद हो जाते हैं। कोई यह भी बताने वाला नहीं होता कि फाल्ट के कारण बिजली कटी है या सामान्य कटौती की गई है। अटाला मस्जिद इलाके में बीते चार दिनों से वोल्टेज काफी कम है। पता चला कि ट्रांसफार्मर में फाल्ट के चलते ऐसी दिक्कत है। चार दिनों से विद्युत उपकेंद्र दौड़ने के बावजूद एक भी कर्मचारी ट्रांसफार्मर ठीक करने नहीं पहुंचा। कर्मचारी कभी बरसात होने का बहाना बना टाल देते हैं तो कभी दूसरे कार्यों में व्यस्त होने का। वोल्टेज इतना कम है कि पानी की मोटर चल पाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत पानी की हो गई है। शनिवार से रमजान शुरू होने की संभावना है। यही हाल रहा तो रोजेदारों को काफी मुश्किल झेलनी पड़ेगी। लंबे समय से प्रशासन से मांग की जा रही है कि रमजान तक विद्युत आपूर्ति में सुधार करवाया जाए लेकिन अभी तक व्यवस्था जस की तस बनी है। लोगों ने कहा कि शहर विधायक का पता नहीं रहता। दो मंत्री शहर के हैं इसके बावजूद जनता की समस्याओं को देखने वाला कोई नहीं है। प्रदेश सरकार, मंत्री और विधायक के दावे सिर्फ आश्वासन तक सीमित हैं। आम जनता की समस्या से किसी का कोई सरोकार नहीं है। आक्रोशित लोगों ने नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव, शहर के दो मंत्री पारसनाथ यादव, जगदीश सोनकर और विधायक नदीम जावेद के पुतले को आग के हवाले कर दिया। एक साथ सैकड़ों लोगों के जुटने से अहियापुर-किला मार्ग और राजा बाजार-कोतवाली चौराहा मार्ग जाम हो गया। दोपहर का समय होने के नाते छुट्टी होने पर निकली स्कूली बसें भी जाम में फंस गई थीं। विरोध प्रदर्शन में मो. सऊद खान, नूरुद्दीन, मो. इरफान, मो. शाहिद, दानिश, इमरान, मो. फारुख, बबलू, शोएब, सद्दू, रिजवान, शोराब, मेराज, कामरान, इरशाद, आरिफ, शकील, गुड्डू, शानू, वाहिद सहित अन्य लोग शामिल रहे।

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