मुकाम तक पहुंची एसबीआई से जालसाजी जांच

Jaunpur Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
जौनपुर। एसबीआई मुख्य शाखा से 2.85 करोड़ की हुई जालसाजी में पुलिस की जांच मुकाम तक पहुंच गई। पुलिस ने गिरोह के कई सदस्यों को हिरासत में ले लिया है। समझा जा रहा है कि गुरुवार तक पुलिस घटना का राजफाश कर देगी। पुलिस ने जफराबाद के परियावां गांव से एक रिटायर्ड मेजर को भी हिरासत में ले लिया है। मेजर की भूमिका भी इसमें अहम मानी जा रही है। उधर, जालसाजी के तार लखनऊ के साथ गोंडा और बहराइच से जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन

अब तक की जांच में यह भी साफ हो गया कि फर्जी चेक का इंतजाम लखनऊ की पार्टी ने किया था। फर्जी चेक की व्यवस्था करने के बदले लखनऊ का रैकेट 1.20 करोड़ ले गया। बाकी लोगों के हिस्सा में 20 से 40 लाख रुपये आए। यह भी पता चला है कि मुख्य आरोपी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आए। जब तक लखनऊ के दोनों आरोपी नहीं पकड़े जाते तब तक 1.20 करोड़ रुपयों का हिसाब नहीं मिलेगा। पिछले छह दिनों से जांच में लगी पुलिस भी अब पस्त हो गई है। कहा जा रहा है कि बैंक की बेरुखी के कारण पुलिस भी सुस्त पड़ी हुई है। बैंक ने जांच तो की लेकिन पुलिस के साथ कुछ साझा नहीं किया। लिहाजा पुलिस भी कुछ रकम सीज कर जांच को मुकाम देने की कोशिश में हैं। परियावां के रिटायर्ड मेजर से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस टीम लखनऊ गई थी। यह भी साफ हो चुका है कि जाली चेक का इंतजाम लखनऊ के रैकेट ने ही किया था और बदले में उसे 1.20 करोड़ मिले। पुलिस ने अभी तक इस मामले में मदारपुर के विनय सिंह को ही गिरफ्तार किया है। विनय इन दिनों जेल में है। विनय सिंह के बैंक खाते में ही एफसीआई गोंडा का 2.88 करोड़ जमा किया गया और नौ जुलाई को 2.85 करोड़ नगद निकाल लिया गया। चौंकाने वाली बात तो यह है कि डारमेंट खाते से बैंक अफसरों ने बगैर किसी हिचक के लेनदेन को मंजूरी दे दी। यही बात लोगों के गले नहीं उतर रही। फिलहाल बैंक प्रबंधन ने एक अफसर और एक लिपिक को निलंबित कर दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us