जौनपुर जेल में एक और कैदी की मौत

Jaunpur Updated Fri, 15 Jun 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। जिला कारागार के कैदियों पर आफत सी आ गई है। बुधवार को कैदी धर्मनाथ की मौत के बाद गुरुवार को एक अन्य कैदी मृत्युंजय राय की भी मौत हो गई। गाजीपुर करीमुद्दीनपुर थाने के जोगा मुसाहिद गांव के निवासी मृत्युंजय राय उम्र कैद की सजा काट रहे थे। 16 अप्रैल 2012 को एडीजे चतुर्थ ने सुजानगंज थाने की हिरासत में हुई मौत के मामले में दारोगा समेत सात को उम्र कैद की सजा सुनाई थी। इनमें मृत्युंजय राय को भी सजा हुई थी। दारोगा आरपी त्यागी समेत सभी अभी जेल में ही कैद हैं।
मृत्युंजय राय (42) को सजा हो जाने के बाद पुलिस ने 16 अप्रैल को जिला कारागार में दाखिल कराया था। बताया जा रहा है कि मृत्युंजय राय कई दिनों से बीमार चल रहे थे। जेल के अस्पताल में ही उनका उपचार चल रहा था। एक सप्ताह पहले खून की जांच में टाइफाइड की पुष्टि हुई थी। तब जेल में ही मृत्युंजय का उपचार चल रहा था। बुधवार की रात करीब दो बजे मृत्युंजय राय की हालत बिगड़ी तो जेलर ललित मोहन पांडेय भी बैरक पहुंचे। जेल के डाक्टर बुलाए गए। जांच पड़ताल हुई लेकिन स्थिति सामान्य पाई गई। तीन बजे अचानक हालत और खराब हो गई। इसके बाद जेल प्रशासन के हाथपांव फूल गए। भोर में चार बजे मृत्युंजय राय को लेकर जिला अस्पताल भागे। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में मृत्युंजय राय को सुबह 4.15 बजे पहुंचाया गया। यहां चिकित्सक ने देखते ही बीएचयू के लिए रेफर कर दिया। बताया गया कि मृत्युंजय राय की नाक से खून का रिसाव हो रहा था और मुंह से झाग निकल रहे थे। संभावना यही जताई जा रही है कि ब्रेन हैम्रेज हुआ होगा। फिलहाल भोर में ही जेल के लोग एक एंबुलेंस से लेकर बीएचयू भागे। बीएचयू में पहुंचते ही चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। अस्पताल सूत्रों के मुताबिक मृत्युंजय के बचने की हालत तो यहीं नहीं थी। ऐसी स्थिति में उसे अस्पताल पहुंचाया गया कि उपचार कर पाना मुश्किल था। जिला अस्पताल के लोग मान चुके थे कि मृत्युंजय बीएचयू नहीं पहुंच पाएगा। आखिरकार रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
जेलर ललित मोहन पांडेय के मुताबिक मृत्युंजय की तबीयत एक सप्ताह से खराब थी। खून की जांच में टायफाइड का पता चला। इसके बाद बाजार से महंगी से महंगी दवाएं खरीदी गई। रात में जब हालत बिगड़ी तो जिला अस्पताल से फिजीशियन बुलवाया गया। उस वक्त ब्लड प्रेशर और पल्स रेट ठीक थी। तीन बजे के बाद हालत गंभीर हो गई। अब सूचना आई है कि मृत्युंजय की मौत हो गई है। डाक्टरों ने बताया कि ब्रेन की नस फट गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद मौत के कारण पता चलेगा।

हार्टअटैक से हुई धर्मनाथ की मौत
जौनपुर। बुधवार को जिला कारागार में मरे कैदी धर्मनाथ की मौत हार्ट अटैक से हुई थी। पोस्ट मार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्थिति साफ हुई। जेलर ने स्वीकार किया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हृदय गति रुकना बताया गया है। उन्होंने सफाई दी कि जेल की व्यवस्थाएं दुरुस्त हैं। पेयजल की बेहतर व्यवस्था के साथ बैरकों में पंखे लगवाए गए हैं। बिजली नहीं रहने पर जेनरेटर चलवाया जाता है।

व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल
जौनपुर। जिला जेल में कैदियों की मौत ने व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए हैं। कुछ कैदियों के परिजनों का कहना है कि जेल अस्पताल केवल फार्मासिस्ट के भरोसे चल रहा है। जब कोई कैदी बीमार होता है तो डाक्टर को जिला अस्पताल से बुलाया जाता है। छोटी मोटी बीमारी का उपचार फार्मासिस्ट ही करता है। यही वजह है कि कैदियों की हालत गंभीर हो रही है। उचित चिकित्सीय परामर्श के अभाव में कैदी गंभीर हो जाते हैं तभी उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा जाता है। 18 मई से अब तक तीन मौतें हो चुकी हैं। लगातार दो मौतों से व्यवस्थागत खामियां भी सामने आई हैं। ताजा मौसम वैसे ही खतरनाक है। उधर, जिला अस्पताल के सीएमएस डा. विजय मलिक का कहना है कि डा. सिन्हा की तैनाती जिला कारागार में है। वह उसी कैंपस में रहते हैं। सीएमएस का दावा है कि कैदियों का उपचार डा. सिन्हा की परामर्श से ही किया जाता है।

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