सजायाफ्ता कैदी की संदिग्ध हाल में मौत

Jaunpur Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
जौनपुर। जिला कारागार में गैर इरादतन हत्या के आरोपी चंदवक थाने के बोड़थर गांव निवासी धर्मनाथ राजभर (32) की संदिग्ध परिस्थितियों में बुधवार को मौत हो गई। अचानक उसकी तबियत बिगड़ने पर जेल प्रशासन ने धर्मनाथ को सुबह 6.25 बजे जिला अस्पताल पहुंचाया था जहां 6.30 बजे धर्मनाथ की मौत हो गई। मौत की सूचना पर अस्पताल पहुंची मृतक की पत्नी आरती ने जेल प्रशासन पर विरोधियों के साथ मिलकर हत्या का आरोप लगाया है। आरती का कहना है कि किसी जहरीले इंजेक्शन से मौत हुई है। जेल प्रशासन का कहना है कि धर्मनाथ की मौत हार्ट अटैक से हुई।
विज्ञापन

चंदवक थाने के बोड़थरे गांव में धर्मनाथ राजभर और प्रेम चंद्र के परिवार के बीच 2002 में मारपीट हो गई थी। इस मारपीट में एक पक्ष के घायल प्रेम चंद्र की मौत हो गई थी। गैर इरादतन हत्या के आरोप में धर्मनाथ राजभर (32),उसके बड़े भाई राजनाथ (38) तथा छोटा भाई धर्मेंद्र राजभर (22) को आरोपी बनाया गया था। तीनों के खिलाफ धारा 147, 149, 323, 304 के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था। 18 मार्च 2010 को धर्मनाथ और राजनाथ को सत्र न्यायालय से सजा हो गई थी। जबकि संदेह का लाभ देते हुए धर्मेद्र को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया था। 18 मार्च 2010 से धर्मनाथ और राजनाथ सजा काट रहे थे। जिला अस्पताल पहुंची धर्मनाथ की पत्नी आरती देवी ने आरोप लगाया कि चार जून को वह अपने पति से जेल में मिली थी। तब वे पूरी तरह स्वस्थ थे। शनिवार को जेल से फोन आया कि तबियत खराब है। जब वह जेल पहुंची तो धर्मनाथ को बुखार था। जेल प्रशासन से अस्पताल ले जाने का अनुरोध किया लेकिन उसकी नहीं सुनी गई। जेल से कहा गया कि यहीं अस्पताल में इलाज होगा। बुधवार सुबह जेल से ही मौत की सूचना दी गई। आरती का आरोप है कि जेल के लोगों ने विरोधियों से मिलकर धर्मनाथ की हत्या करवा दी। आरती ने आरोप लगाया कि धर्मनाथ को विषैला इंजेक्शन लगवा कर मारा गाय है। जब धर्मनाथ की तबियत चार दिन पहले खराब थी तो उसे अस्पताल क्यों नहीं भेजा गया। आरती के इन सवालों ने जेल प्रशासन पर सवाल उठाए हैं। प्रभारी जेल अधीक्षक एसडीएम शारदा प्रसाद यादव का कहना है कि उन्हें भी कैदी के मौत की जानकारी है लेकिन विस्तृत व्यौरा जेलर ही दे सकते हैं। जेलर ललित मोहन पंाडेय ने कहा है कि तबियत खराब हाने पर उसे बुधवार को सुबह जिला अस्पताल भेजा गया था जहां उसकी मौत हो गई। जेलर ने मृतक की पत्नी के आरोपों को खारिज करते हुये कहा कि ऐसा कुछ नही है। इसी जेल के एक और कै दी की भी इलाज के दौरान मौत हो गई थी। 18 मई को मछलीशहर के करौरा गांव निवासी राम चंदर सिंह की मौत इलाज के दौरान हो गई थी। उसे दहेज हत्या के आरोप में पुलिस ने जेल भेजा था। उसकी हालत बिगड़ी तो पुलिस अभिरक्षा में जिला अस्पताल भेजा गया। वहां से उसे इलाहाबाद रेफर कर दिया गया था। राम चंद्र की मौत इलाहाबाद में उपचार के दौरान मौत हो गई।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us