तहसील में वकीलों का हंगामा

Jaunpur Updated Thu, 14 Jun 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। सदर तहसील का माहौल बुधवार को अचानक गर्म हो गया। एसडीएम चैंबर में हंगामे जैसे हालात बन गए। तेज-तेज आवाज में कलेक्ट्रेट बार के महामंत्री जयंत्री प्रसाद मिश्रा और एसडीएम की नोकझोंक के चलते माहौल गर्म हो गया। हंगामे की सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। देर शाम एसडीएम ने लाइन बाजार थाने में बार के महामंत्री जयंत्री प्रसाद मिश्रा और अधिवक्ता अन्ना चौबे के खिलाफ सरकारी कार्यों में बाधा उत्पन्न करने तथा दुर्व्यवहार की रिपोर्ट दर्ज कराई है। एसडीएम का कहना है कि एक राशन दुकान को बहाल करने के लिए महामंत्री जयंत्री प्रसाद मिश्रा दबाव बना रहे थे। जबकि जयंत्री प्रसाद मिश्रा का कहना है कि एसडीएम खुद ही तेज आवाज में बोलते हुए हमें ही चेंबर से बाहर निकल जाने को कहा।
बता दें कि सरसौड़ा गांव की राशन दुकान एक शिकायत के बाद सील कर दी गई है। जांच के लिए डीडीओ और तहसीलदार सदर नामित किए गए थे। दोनों की संयुक्त जांच रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी। बुधवार को सुबह करीब दस बजे कलेक्ट्रेट बार के महामंत्री जयंत्री प्रसाद मिश्र सरसौड़ा के ग्राम प्रधान का एक प्रार्थना पत्र लेकर एसडीएम के पास पहुंचे। इसमें आरोप लगाया गया था कि सरसौड़ा में कुछ पक्के मकान वालों को भी अंत्योदय राशन कार्ड जारी किया गया है। सभी राशन कार्ड निरस्त किए जाने चाहिए। एसडीएम सदर शारदा प्रसाद यादव का कहना है कि अधिवक्ता राशन दुकान बहाली के लिए दबाव बनाने लगे तो उनसे कहा गया कि कोटेदार प्रार्थना पत्र दे और स्टाक का सत्यापन कराए तभी राशन दुकान का ताला खोला जाएगा। ग्राम प्रधान की ओर से उन लोगों के खिलाफ प्रार्थना पत्र दिया गया था जिनकी शिकायत पर राशन दुकान सील की गई थी। इस पर अधिवक्ता तेज-तेज आवाज में बोलने लगे। कुछ देर बाद 20-25 की संख्या में लोग पहुंच गए और हंगामा करने लगे। बार के महामंत्री जयंत्री प्रसाद मिश्रा का कहना है कि एसडीएम ने तेज आवाज में चैंबर से निकल जाने को कहा। वह तो अपनी बात कहने गए थे लेकिन एसडीएम उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। उल्टे दोष अधिवक्ताओं पर मढ़ रहे हैं। फिलहाल घटना के तुरंत बाद कलेक्ट्रेट बार के अध्यक्ष राजेश गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में एसडीएम कोर्ट के बहिष्कार का फैसला लिया गया। कहा गया कि एसडीएम की टिप्पणी संघ का अपमान है। घटना की निंदा करते हुए एसडीएम के तबादले की मांग की गई। वकीलों ने नारेबाजी के बीच सभी न्यायालयों को बंद करा दिया। बाद में एसडीएम की शिकायत डीएम से की। हंगामे के चलते कलेक्ट्रेट में काफी संख्या में फोर्स बुला ली गई। शाम को लाइन बाजार थाने में दो अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। बार की बैठक में पूर्व अध्यक्ष महेंद्र प्रताप सिंह, पूर्व महामंत्री रवींद्र नरायण सिंह, उपाध्यक्ष गोरखनाथ पांडेय, वरिष्ठ अधिवक्ता उदय प्रताप सिंह, राम सिंह यादव, गिरजा शंकर सिंह, शैेलेंद्र सिंह, जिया लाल यादव आदि मौजूद थे।

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