डीआरएम ने खुद संभाल रखी है कमान

Jaunpur Updated Sun, 03 Jun 2012 12:00 PM IST
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मल्हनीबाजार। दून एक्सप्रेस हादसे के तीसरे दिन भी दुर्घटना स्थल पर रेलवे का आपरेशन जारी रहा। करीब सौ गैंगमैनों के साथ उत्तर रेलवे के डीआरएम जगदीप रॉय दुर्घटनास्थल पर ट्रैक की जांच में लगे रहे। डीआरएम की निगरानी में दुर्घटनास्थल पर पड़ी बोगियों को हटाने की कोशिशें शुरू हुई। क्रेन संचालन के लिए ट्रैक के एक किनारे पर बेस तैयार किया जा रहा है। इसी बेस के सहारे क्रेन की मदद से दून एक्सप्रेस के आठों डिब्बे उठाए जाने की योजना है। रेल अधिकारियों के मुताबिक नया ट्रैक बिछाने और क्रेन के लिए आधार तैयार करने में एक सप्ताह का वक्त लग सकता है। डीआरएम जगदीप रॉय और रेल अफसर तुषार पांडेय ने ट्राली पर बैठकर खुद पेट्रोलिंग कर रेलवे ट्रैक का जायजा लिया। मातहतों को ट्रैक के सुधार के लिए जरूरी निर्देश दिए।
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गौरतलब है कि 31 मई को दोपहर के वक्त हावड़ा से देहरादून जा रही 13009 अप मिहरावां स्टेशन से करीब एक किलोमीटर आगे दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में मारे गए तीन के शव घटना वाले दिन ही निकाल लिए गए थे। संभावना जताई गई थी कि पलटे डिब्बों के नीचे शव पड़े होंगे लेकिन अब तक चौथा शव नहीं बरामद किया गया। रेलवे प्रशासन ने एक जून को शाम सवा पांच बजे रेलवे ट्रैक बहाल कर दिया। मालगाड़ी गुजारने के बाद पहली सवारी गाड़ी किसान एक्सप्रेस पास कराई गई। अब सभी गाडि़यों को बीस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पास कराया जा रहा है। शनिवार को उत्तर रेलवे के डीआरएम की निगरानी में बोगियों को उठाने के लिए काम शुरू हुआ। क्रेन चलाने के लिए पटरी किनारे बेस तैयार किया जा रहा है। इसी बेस के सहारे पलटी बोगियों को उठाया जाएगा। शनिवार को करीब एक सौ गैंगमैन रेलवे ट्रैक की मरम्मत में लगे हुए थे। चार सौ मीटर क्षतिग्रस्त ट्रैक में करीब डेढ़ सौ स्लीपर और लगाए गए। इसके बाद फिर ट्रैक चेक किया गया। दुर्घटना स्थल पर पड़ी बोगियों की निगरानी के लिए आरपीएफ को तैनात कर दिया गया है।
पेट्रोलिंग के बाद ही सवारी गाड़ी
मल्हनीबाजार। दून हादसे के बाद रेल प्रशासन गंभीर एहतियात बरत रहा है। हर सवारी गाड़ी से पहले पेट्रोलिंग कराई जा रही है। पेट्रोलिंग के बाद ही कोई गाड़ी पास हो रही है। साथ ही गुजरने वाली ट्रेन को उसके स्टापेज वाले स्टेशन पर ट्रेन चालक को कासन (चेतावनी पत्र) पकड़ा दिया जा रहा है। दुर्घटना स्थल के एक किलोमीटर दायरे में ट्रेनों को बीस किलोमीटर प्रतिघंटा की स्पीड से गुजारा जा रहा है। डीआरएम जगदीप रॉय ने बताया कि यह सिलसिला पंद्रह दिनों तक जारी रहेगा। इससे यह पता लगाया जाएगा कि ट्रैक में क्या परिवर्तन आ रहे हैं।

दिनभर तैरती रहीं अफवाहें
दून हादसे में मारे गए लोगों की संख्या को लेकर दिनभर अफवाहें तैरती रही। हल्ला मचाया गया कि दुर्घटनास्थल से दुर्गंध आ रही है। कई लोग घटना स्थल पर गए लेकिन यहां ऐसा कुछ नहीं दिखा। तीन लाशों के अलावा अब तक मौके से कुछ बरामद नहीं किया गया। जन सामान्य यह मानने को तैयार नहीं है कि इतने बड़े हादसे में सिर्फ तीन लोगों की ही मौत हुई होगी। मौतों की संख्या को लेकर लोग मीडिया पर भी प्रशासन से मिलीभगत का आरोप लगा रहे हैं। जबकि हकीकत यह है कि तीन लाशों के अलावा दुर्घटनास्थल से कुछ बरामद नहीं किया गया।
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