केडी को एक वर्ष का अभयदान

Jaunpur Updated Thu, 24 May 2012 12:00 PM IST
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डोभी। हाईप्रोफाइल ड्रामे के बीच डोभी ब्लाक प्रमुख अजय प्रकाश सिंह उर्फ केडी को अभयदान मिल गया। अविश्वास प्रस्ताव के जरिए बीडीसी सदस्य सुजीत सिंह कछवन लंबे समय से घेराबंदी किए हुए थे। बैठक के तय समय पर कोई नहीं पहुंचा। बाद में एसडीएम ने बैठक का समय भी बढ़ाया लेकिन सुजीत सिंह अविश्वास प्रस्ताव के लिए जरूरी मतों का इंतजाम नहीं कर सके। लिहाजा कोरम के अभाव में अविश्वास प्रस्ताव खारिज हो गया। विशेषज्ञों का मानना है कि कोरम के अभाव में यदि बैठक स्थगित होती है अगले एक वर्ष तक दोबारा अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है। इस तरह कम से कम एक वर्ष के लिए केडी को अभयदान मिल गया।
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बता दें कि क्षेत्र पंचायत सदस्य सुजीत सिंह कछवन ने ब्लाक प्रमुख अजय प्रकाश सिंह उर्फ केडी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव को स्वीकार करते हुए बैठक 23 मई को पूर्वाह्न 11 बजे से 11.30 बजे के बीच तय की थी। साथ ही बैठक की अध्यक्षता के लिए एसडीएम केराकत राजेंद्र कुमार को नामित किया था। दो बाहुबलियों के बीच अविश्वास प्रस्ताव होने के नाते सुरक्षा के कड़े इंतजाम थे। छह थानेदार अपनी पूरी टीम के साथ ब्लाक पर तैनात थे। बैठक के तय समय 11 बजे तक दोनों पक्षों में से कोई ब्लाक पर नहीं पहुंचा। उधर, एसडीएम तय समय पर पीठासीन अधिकारी की कुर्सी पर बैठ गए थे। तय समय पूर्वाह्न के 11.30 बजे समाप्त हो जाने के बाद एसडीएम ने मौखिक ही कहा कि बैठक का समय समाप्त हो गया। लिहाजा कोरम के अभाव में बैठक स्थगित की जाती है। ब्लाक की कार्रवाई चल ही रही थी कि दोपहर 12.20 बजे सुजीत सिंह कछवन कुछ सदस्यों के साथ ब्लाक के गेट पर पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक दिया। खबर मिलने पर एसडीएम ने सुजीत के अनुरोध को स्वीकार करते हुए बैठक की कार्यवाही शुरू कराने पर सहमति जताई। सुजीत ब्लाक के भीतर दाखिल हुए तो कुछ देर बाद ब्लाक प्रमुख केडी सिंह भी ब्लाक पहुंचे। दोनों का आमना-सामना हुआ। कार्यवाही शुरू होते ही केडी सिंह ब्लाक सभागार से बाहर आ गए। हल्ला मचा कि केडी को बाहर कर दिया गया लेकिन बाद में केडी ने कहा कि वह खुद ही बाहर चले आए। शायद वह खुद को सुरक्षित करने के बाद ही ब्लाक से बाहर निकले। बैठक की कार्यवाही शुरू हुई। सदस्यों के हस्ताक्षर कराए गए लेकिन ब्लाक सभागार में सिर्फ 33 सदस्य ही पहुंचे थे। कुछ देर तक सदस्यों के पहुंचने का इंतजार हुआ लेकिन जब कोई नहीं पहुंचा तो एसडीएम ने कोरम का अभाव बताते हुए अविश्वास प्रस्ताव की बैठक स्थगित कर दी। दरअसल 73 सदस्यीय क्षेत्र पंचायत में अविश्वास प्रस्ताव के लिए कम से कम 37 सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होनी चाहिए थी। तमाम कोशिशों के बावजूद सुजीत सिंह कछवन 37 का जादुई आंकड़े का इंतजाम नहीं कर सके। लिहाजा अविश्वास प्रस्ताव बहस होने से पहले ही गिर गया। अविश्वास प्रस्ताव गिरते ही सुजीत अपने साथियों संग वापस चले गए। इसके बाद शुरू हुआ केडी सिंह के स्वागत का दौर। उनके खेमे के बीडीसी सदस्यों ने केडी का फूल मालाओं से स्वागत किया। एहतियातन चंदवक थानेदार सुनील दत्त दुबे, जलालपुर थानेदार राघवेंद्र सिंह, सिकरारा थानेदार शमशेर बहादुर सिंह, नेवढि़या के राज कुमार सिंह, गौराबादाशपुर के राजेश कुमार, सीओ केराकत नेत्रपाल सिंह, एसपी सिटी जगनायक सिंह पूरी टीम के सात तैनात थे। अविश्वास प्रस्ताव की प्रक्रिया समाप्त हो जाने के बाद अपराह्न करीब 1.10 बजे एसपी आकाश कुलहरी पहुंचे। उन्होंने मातहतों से सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। सुजीत सिंह से बात करने की कोशिश की गई लेकिन उनका नंबर अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद से ही बंद हो गया था।
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