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मोबाइल से ठगी करने वाले सात हत्थे चढ़े

Jaunpur Updated Wed, 16 May 2012 12:00 PM IST
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जौनपुर। मोबाइल फोन के जरिए ठगी करने वाले सात लोगों को पुलिस ने धरदबोचा। मोबाइल फोन से एसएमएस और फोन कर लाटरी निकलने का झांसा देकर लूट की जाती रही। इनके पास से एक बोलेरो गाड़ी, जले एटीएम कार्ड, 95 हजार रुपये बरामद किए गए। एसपी ने बताया कि पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश में आठ लोगों का समूह यह धंधा संचालित कर रहा है। यह लोग उनके नाम पते तो नहीं बता पाए लेकिन संगठित गिरोह के संपर्क में जरूर रहे।
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पुलिस लाइन मनोरंजन कक्ष में एसपी आकाश कुलहरी ने बताया कि एडीएम से धोखाधड़ी की कई शिकायतें मिली थी। इसी क्रम में अंडरट्रेनी आईपीएस शिवहरि मीणा को जांच के लिए लगाया गया। सोमवार को लाइन बाजार थानेदार रमेश यादव वाजिदपुर तिराहे पर मौजूद थे। इसी बीच एसओजी प्रभारी ब्रजेश सिंह और प्रवीण कुमार राय भी पहुंच गए। बातचीत के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एटीएम के जरिए ठगी करने वाले कुछ लोग एक बोलेरो जीप से वाराणसी जाने वाले हैं। शाम करीब छह बजे मतापुर रेलवे क्रासिंग पर पुलिस पार्टी तैनात कर दी गई। मुखबिर ने इशारे से बताया कि बोलेरो गाड़ी पास हो रही है। इसी सूचना पर मतापुर रेलवे क्रासिंग पर बोलेरो रोकी गई तो सात लोग सवार मिले। पूछताछ में अपना नाम पता बनारस फूलपुर थाने के रामपुर निवासी शदीकउल्ला खां, इनामुल्ला खां, शिराज उर्फ पप्पू, बक्शा थाने के जंगीपुर निवासी अशफाक खां और धर्मवीर सिंह उर्फ लाल साहब, लाइन बाजार के कंधरपुर निवासी प्रेम चंद्र यादव उर्फ भोनू, मडि़याहूं के जयरामपुर निवासी शेख अब्दुल वहीद बताया। तलाशी के दौरान इनामुह्लला के पास से तीस हजार, सदीकउल्लाह के पास से 35 हजार और अधजला एटीएम कार्ड, शेख अब्दुल वहीद के पास से 30 हजार रुपये और एक एटीएम कार्ड बरामद हुआ। ठगी के पैसों से खरीदी गई बोलेरो गाड़ी भी बरामद की गई। पुलिस ने बताया कि गिरोह का सरगना सदीकउल्ला है। सभी सदस्यों के अलग-अलग कार्य हैं। अशफाक, धर्मवीर, प्रेम चंद्र, सिराज उर्फ पप्पू लोगों को झांसे में लेकर एटीएम कार्ड का पिन कोड जुटा लेते थे। इसका इस्तेमाल कर फोन पर मंगाए गए पैसे निकाल लेते थे। बताया कि हम लोग सऊदी अरब में रहने वाले कुछ लोगों के नंबर से एसएमएस मंगाते थे। लोगों को बताया जाता था कि आपकी लाटरी निकली है। बाद में फोन कर बैंक खाता नंबर बताया जाता था। बैंक में पैसा जमा होते ही निकाल लिए जाते थे। जिसका बैंक एकाउंट इस्तेमाल किया जाता था उसे भी हिस्सा दिया जाता था। अभी जल्दी ही में रांची से विमला देवी के खाते से 35 हजार रुपये, प्रीती दुबे के खाते से 15500 रुपये मंगाए गए। यह पैसा कौशिक राय नाम के व्यक्ति से बैंक खाते में जमा कराया था। इस गोरखधंधे के खुलासे में एसओजी प्रभारी बृजेश सिंह, लाइन बाजार थानेदार रमेश यादव, दारोगा प्रवीण राय, श्रीप्रकाश शुक्ला, छोटे लाल राय, अमित सिंह, विनीत कुमार, अनिरुद्ध सुमन त्रिपाठी ने योगदान दिया।

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