दो स्तरीय होगा अब भाजपा संगठन

Jaunpur Updated Thu, 10 May 2012 12:00 PM IST
जौनपुर। विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद भाजपा संगठन का विकेंद्रीकरण करने जा रही है। पहले क्षेत्र समिति गठित होंगी फिर जिले के संयोजक अथवा अध्यक्ष बनाए जाएंगे। सभी क्षेत्र समिति का पूरा ढांचा अब प्रदेश के समिति जैसा ही होगा। अभी तक क्षेत्र समिति में अध्यक्ष, मंत्री और कोषाध्यक्ष के पद थे। अब क्षेत्र समिति की पूरी कार्यकारिणी होगी। क्षेत्र से संबंधित अह्म फैसले क्षेत्र समितियों की सिफारिश और रिपोर्ट पर किए जाएंगे। यह मसौदा गत चार मई को प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में तय किया गया। यह बैठक तो चुनाव समीक्षा और जिला संयोजकों के चयन के लिए बुलाई गई थी लेकिन यहां नया मसौदा पेश कर दिए जाने से जिला कमेटियों का गठन फिलहाल टल गया है। समझा जा रहा है कि अब नई क्षेत्र समिति ही इस पर फैसला करेगी।
बता दें कि भाजपा ने प्रदेश को छह क्षेत्र में बांट रखा है। काशी क्षेत्र, अवध क्षेत्र, गोरखपुर क्षेत्र, कानपुर क्षेत्र, ब्रज क्षेत्र तथा पश्चिम क्षेत्र की अपनी अलग टीम है। अभी तक क्षेत्र समिति में अध्यक्ष, मंत्री, संगठन और कोषाध्यक्ष का ही पद था। क्षेत्र समिति को ज्यादा अधिकार नहीं थे। चार मई की बैठक में चुनाव समीक्षा के दौरान कमजोर संगठन की बातें भी सामने आई। प्रत्याशियों के चयन में निचले स्तर की रिपोर्ट को तवज्जो नहीं देने का भी मुद्दा उठा। कुछ ने बताए कि विधानसभा चुनाव में निचले स्तर के संगठन की उपेक्षा की गई। सर्वे के आधार पर टिकट दिए गए। नतीजा सामने है। लंबे मंथन के बाद क्षेत्र समिति को ज्यादा मजबूत और अधिकार देने पर सहमति बनाई गई।
नई व्यवस्था के तहत सभी क्षेत्र समिति में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, मंत्री, कोषाध्यक्ष, संगठन मंत्री के साथ पूरी कार्यसमिति होगी। क्षेत्रों की कार्यसमिति प्रदेश कार्यकारिणी की तरह काम करेगी। क्षेत्र समितियों की सलाह और सिफारिश पर संबंधित जिलों के निर्णय होंगे। हालांकि कहा जा रहा है कि भाजपा ने इंदौर राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक में क्षेत्र समिति को अधिकार देने का फैसला लिया था लेकिन इसे प्रदेश में लागू नहीं किया गया था। चार मई की बैठक में आनन-फानन में क्षेत्र समिति गठित करने का फैसला लिया गया। क्षेत्र समिति का नया चेहरा प्रदेश कार्यसमिति के समानांतर होगा। पदों का निर्धारण और संगठन की दूसरी व्यवस्थाएं प्रदेश के समान किए जाने की तैयारी चल रही है। क्षेत्र समिति में भी वह सभी पद होंगे जो प्रदेश समिति फिलवक्त हैं। भाजपा संगठन के विकेंद्रीकरण के जरिए निचले स्तर पर संगठन बेहतर बनाने की कवायद में जुटी हुई है। पार्टी के बड़े ओहदेदारों का मानना है कि क्षेत्र समिति का दायरा बड़ा होने के नाते संगठन के कार्यों की निगरानी और पार्टी एजेंडे को ठीक से लागू किया जा सकेगा। पदाधिकारियों के कामकाज का आंकलन तथा जिला स्तर के निर्णय में भी सही होंगे। जिलों की रिपोर्ट क्षेत्र समितियों से होकर प्रदेश नेतृत्व तक पहुंचेगी। चार मई की बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय पदाधिकारी और प्रदेश पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी की सहमति पर संगठन विकेंद्रीकरण का निर्णय लिया गया।

कोट
क्षेत्र समिति के पुनर्गठन करने की तैयारी कर रहे हैं। क्षेत्र समिति भी प्रदेश समिति की तरह की काम करेगी। पद और संगठन भी ठीक प्रदेश समिति जैसा होगा। जल्दी ही क्षेत्र समितियां गठित कर ली जाएंगी। इंदौर राष्ट्रीय कार्यसमिति में लिए गए निर्णय को लागू करने की तैयारी कर रहे हैं। डा. महेंद्र नाथ पांडेय, प्रदेश महामंत्री संगठन।

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