बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP

शहर में सबसे लंबा बाईपास 14 किलोमीटर का

Jaunpur Updated Wed, 09 May 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
जौनपुर। वाराणसी से लखनऊ जाने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग 56 अब 60 मीटर का होगा। गांवों और बाईपास की लंबाई अलग होगी तथा कस्बाई क्षेत्रों की चौड़ाई कम रखी जाएगी। नए हाईवे का खाका काफी हद तक तैयार हो चुका है। गांवों का नोटीफिकेशन (गजट) अभी जारी नहीं हुआ लेकिन अंतिम रूप देने की तैयारी की जा रही है।
विज्ञापन

हालांकि एनएच की ओर से दलील दी जा रही है कि उपजाऊ जमीन का इस्तेमाल अधिक नहीं किया जाएगा लेकिन हाईवेे की जद में आने वाली जमीन तो अधिगृहीत किया ही जाएगा। किसानों को खबर नहीं है कि कौन-कौन से गांव प्रभावित हो रहे हैं। हाईवे के फोर लेन बनाने में जिला स्तर पर प्रमुख भूमिका अदा करने वाले मुख्य राजस्व अधिकारी भी कुछ बताने को तैयार नहीं है।

वाराणसी के शिवपुर से सुल्तानपुर के अमहट तक फोर लेन हाईवे 56 बनाने में जिले के 92 गांवों की जमीन अधिगृहीत करने का प्रस्ताव है। सर्वे कार्य पूरा हो चुका है। शहर के दक्षिणी ओर से सबसे लंबा बाईपास 14 किलोमीटर का होगा। 60 मीटर चौड़ी सड़क के लिए 305 हेक्टेयर जमीन का इस्तेमाल किया जाना है। सोमवार को लोक सुनवाई में शामिल हाइवे प्राधिकरण के लोगों ने बताया कि बड़े बाईपास बदलापुर, सिंगरामऊ, नौपेड़वा, धनियां मऊ और त्रिलोचन महादेव में बनाए जाएंगे। इसके अलावा बक्शा का छोटा बाईपास होगा। सई और पीली नदी पर पुल भी बनाने होंगे। शहर के आसपास दो रेलवे ओवर ब्रिज (आरओबी) भी बनाया जाना प्रस्तावित है। ग्रामीण इलाके में एक तरफ की सड़क 24 मीटर चौड़ी होगी तथा बीच में पांच मीटर का डिवाइडर भी बनाया जाना प्रस्तावित है। डिवाइडर के बीच में पौधरोपण कराने की योजना है। शहर और बाजारों में डिवाइडर 1.2 मीटर का होगा। 60 मीटर चौड़ाई का मतलब करीब 200 फीट जमीन का इस्तेमाल फोर लेन की सड़क में होगा। गांवों के नाम, भूमि का मुआवजा तथा तोड़फोड़ किए जाने वाले स्थलों के नाम साफ नहीं है। इससे किसानों और रास्ते में पड़ने वाले रिहायशी लोगों की बेचैनी बढ़ गई है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट डायरेक्टर एसके गुप्ता का कहना है कि काफी कुछ साफ है। जिला प्रशासन को भी गांवों की सूची, जमीन के रेकार्ड उपलब्ध करा दिए गए हैं। लोक सुनवाई के दौरान पूरा सीन प्रदर्शित किया गया था।
वह इस वक्त दिल्ली में है। लौटने के बाद डिटेल उपलब्ध करा देंगे। वहीं मुख्य राजस्व अधिकारी (सीआरओ) विजय बहादुर सिंह का कहना है कि सभी को पता है कि नया हाईवे कहां से गुजर रहा है। यह बताने की जरूरत नहीं है कि कितने गांवों की जमीन इस्तेमाल की जाएगी। जब बनने लगा तो अपने आप पता चल जाएगा। यहां कोई रिकार्ड नहीं है। हाईवे अथारिटी से संपर्क किया जाना चाहिए।

आपकी राय हमारे लिए महत्वपूर्ण है। खबरों को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।

खबर में दी गई जानकारी और सूचना से आप संतुष्ट हैं?
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us