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बिजली कटौती पर अधिवक्ता खफा

Jaunpur Updated Thu, 03 May 2012 12:00 PM IST
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जौनपुर। जिला प्रशासन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कलेक्ट्रेट अधिवक्ताओं ने बुधवार को उग्र प्रदर्शन किया। बिजली कटौती और जिले की बिगड़ी कानून व्यवस्था पर सवाल उठाए। अधिवक्ताओं ने कलेक्ट्रेट में चक्रमण कर डीएम कार्यालय के बाहर धरना दिया। कोर्ट में बैठे सीआरओ का घेराव कर कामकाज ठप करा दिया। पूर्वाह्न 11 बजे तक अधिवक्ता कलेक्ट्रेट के बाहर बैठे रहे। बाद में मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा।
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कलेक्ट्रेट अधिवक्ता संघ ने दो प्रमुख मांगों को लेकर 27 अप्रैल को कलेक्ट्रेट में डीएम का घेराव किया था। वकीलों ने एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कार्य बहिष्कार किया था। डीएम ने भी एक सप्ताह में सुधार का भरोसा दिलाया था। बिजली व्यवस्था सुधरने को कौन कहे और बिगड़ गई। दिन में पांच घंटे की कटौती के बाद रात में हर दो घंटे पर दो घंटे की रोस्टरिंग शुरू कर दी गई। रात भर जागे अधिवक्ता सुबह कलेक्ट्रेट पहुंचे तो काफी खफा थे। सुबह न्यायालय हो जाने के कारण करीब आठ बजे तक अधिवक्ता कलेक्ट्रेट पहुंच गए थे। सुबह नौ बजे बार अध्यक्ष राजेश गुप्ता की अध्यक्षता में हुई बैठक में कार्य बहिष्कार कर पिछले मुद्दों को लेकर धरना देने का फैसला लिया गया। इस बीच मुख्य राजस्व अधिकारी अपनी कोर्ट में बैठ चुके थे। वकील इस बात से खफा थे कि हड़ताल हो गई तो सीआरओ काम कैसे कर रहे हैं। सीआरओ कोर्ट में सैकड़ों अधिवक्ता दाखिल हो गए। वकीलों से यहां तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में सभी कोर्ट का कामकाज बंद करा दिया गया। कलेक्ट्रेट का चक्रमण करते हुए डीएम कार्यालय पहुंचे। यहां अधिवक्ता धरने पर बैठ गए। धरना सभा में बिजली कटौती, बढ़ते अपराध का मुद्दा उठाया गया। वकीलों ने कहा कि जिला प्रशासन अपराधियों पर लगाम लगाने में पूरी तरह नाकाम रहा है। अधिवक्ता एडीएम (वित्त एवं राजस्व) या फिर जिलाधिकारी को बुलाने की मांग कर रहे थे। कुछ देर बाद एडीएम (वित्त एवं राजस्व) पीके उपाध्याय पहुंचे और कहा कि समस्या उचित है। उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा गया है। इसके बाद वह चले गए। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अधिवक्ता धरने पर ही बैठे रहे। पूर्वाह्न करीब 11 बजे सीओ सिटी और एसडीएम सदर शारदा प्रसाद यादव ने भरोसा दिलाया कि जिला प्रशासन दोनों मांगों पर गंभीर है। अपराध रोकने के गंभीर प्रयास किए जा रहे है। बिजली कटौती रोकने के लिए सीएमडी को पत्र लिखा गया है। इसके बाद अधिवक्ताओं ने धरना समाप्त कर दिया। आगे की रणनीति तय करने के लिए गुरुवार को फिर बैठक बुलाई गई है। बैठक में दोनों मुद्दों को लेकर आंदोलन की रणनीति तय होगी। आंदोलन को देखते हुए भारी फोर्स भी बुला ली गई थी। इससे पूर्व हुई बैठक में पूर्व अध्यक्ष यतींद्र नाथ त्रिपाठी, महेंद्र प्रताप सिंह, राम कृष्ण पाठक, उदय प्रताप सिंह ने अपने विचार रखे। संचालन महामंत्री जयंत्री प्रसाद मिश्र ने किया। विरोध प्रदर्शन में प्रमुख रूप से रवीद्र नरायण सिंह, वीरेंद्र श्रीवास्तव, वीरेंद्र निषाद, अखिलेश यादव, शारदा प्रसाद सोनकर, राधेश्याम निषाद, अनिल कुमार सिंह, सुनील यादव आदि मौजूद थे।

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