तीन दिन बाद ससुराल से मुक्त हुआ दूल्हा

Jaunpur Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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मछलीशहर। मीरगंज थाना क्षेत्र के करौर गांव में आई बारात में शादी बिगड़ जाने पर लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हे को तीन दिन तक बंधक बनाए रखा। कहा जा रहा है कि रात में विवाह के समय से दूल्हे को चक्कर आने के बाद लड़की पक्ष के लोगों ने शादी करने से इनकार कर दिया। विवाद बढ़ते देख बाराती रात में खिसक गए। काफी देर पंचायत में तय हुआ कि विवाह में आने वाला खर्च वर पक्ष को देना होगा। बाराती रात में ही वापस लौट आए लेकिन लड़की पक्ष के लोगों ने दूल्हे को बंधक बना लिया। सोमवार को थाने की पंचायत में साढ़े तेरह हजार नगद और जेवर जब्त करने की सहमति पर दूल्हे को मुक्त किया गया।
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जफराबाद थाना क्षेत्र के खोजनपुर (गोंडाखास) गांव निवासी मुन्ना चौहान के बेटे संजय चौहान का विवाह मीरगंज थाना क्षेत्र के करौर गांव निवासी अनिल चौहान के बेटे के साथ तय हुआ था। बारात 28 अप्रैल को करौर गांव पहुंची थी। धूमधाम से द्वारचार की रश्म पूरी हुई। रात में मंडप में विवाह शुरू हुआ। इसी दौरान संजय को चक्कर आ गया। जिससे मंडल में अफरातफरी मच गई। लड़की पक्ष के लोगों ने आरोप लगाया कि संजय को मिरगी आती है। वर पक्ष पर धोखा देने की बात कहते हुए लड़की की शादी करने से इनकार दिया। वर पक्ष के लोगों ने काफी सफाई दी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। लड़की पक्ष के लोग शादी से इनकार करने की जिद पर अड़े रहे। रात में दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक पंचायत चली लेकिन लड़की पक्ष के लोग शादी करने पर तैयार नहीं हुए। पंचायत में यह तय हुआ कि शादी की तैयारी में जितना खर्च हुआ उसे लड़के पक्ष के लोगों को देना होगा। लड़की पक्ष को रकम वापस करने की बात कहकर मुन्ना चौहान घर चले आए। सोमवार दोपहर फिर पहुंचे लेकिन बात नहीं बनी। कन्या पक्ष के लोग 80 हजार मांग रहे थे और लड़के के पिता मुन्ना चौहान इतनी रकम का इंतजाम करने में खुद को असमर्थ बता रहे थे। जब गांव मेें बात नहीं बनी तो मुन्ना चौहान थाने गए। थाने में कन्या पक्ष के लोग भी बुलाए गए। यहां तय हुआ कि वर पक्ष के लोग पंद्रह हजार नगद और जेवर लड़की पक्ष को देंगे। इसी पर दोनों पक्षों में सहमति बन गई। बाद में मुन्ना ने कहा कि डेढ़ हजार रुपये टैक्सी का भाड़ा नहीं है। इस नाते वह साढ़े तेरह हजार ही देंगे। कन्या पक्ष के लोगों ने काफी किचकिच के बाद साढ़े तेरह हजार लेने के बाद संजय को मुक्त कर दिया।
प्रभारी थानेदार टीपी श्रीवास्तव का कहना है कि लड़की पक्ष के लोग दूल्हे पर मिरगी की बीमारी का आरोप लगा रहे थे। इसी विवाद में रिश्ता टूट गया था और दूल्हे को बैठा लिया था। थाने में दोनों पक्षों के बीच पंद्रह हजार नगद और जेवरात पर सहमति बना दी गई है। संजय चौहान को मुक्त करा दिया गया है। लड़की के दादा जिया लाल चौहान का कहना है कि लड़के को मिरगी का दौरा आता था। वह मंडप में ही बीमार पड़ गया था। यह बात लड़के पक्ष के लोगों ने पहले नहीं बताई थी। दूल्हे के पिता मुन्ना चौहान का कहना है कि संजय हल्का बीमार पड़ गया था। मिरगी के दौरे वाली बात बेबुनियाद है। लड़की पक्ष के लोगों को किसी ने चढ़ा दिया था।
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