जालौन में बालिवध लीला के पाठ में शबरी की रामभक्ति और राम-सुग्रीव मैत्री का गाया गया प्रसंग

Kanpur	 Bureauकानपुर ब्यूरो Updated Sat, 24 Oct 2020 11:58 PM IST
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रामलीला महोत्सव 2020 में अभिनय करते रंगकर्मी।
रामलीला महोत्सव 2020 में अभिनय करते रंगकर्मी। - फोटो : ORAI

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संवाद न्यूज एजेंसी
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कोंच। कोंच रामलीला के 168वें महोत्सव में शुक्रवार को बालि वध लीला के रोचक प्रसंग दिखाया गया। प्रभु राम के बाण से बाली के प्राण निकले और सुग्रीव को राजा बनाया गया।
सीता खोज में वन वन भटक रहे भगवान राम भीलनी शबरी के आश्रम में पहुंचकर उसका आतिथ्य स्वीकार करते हैैं। उसके जूठे बेरों को भी बहुत ही प्रेमपूर्वक ग्रहण करते हैं। आगे परम भक्त हनुमान, राम और सुग्रीव की मित्रता कराते हैं। सुग्रीव को दिए वचन के अनुसार राम बालि के ऊपर वृक्ष की ओट लेकर वाण चला देते हैं। बालि वध के बाद प्रभु राम सुग्रीव को किष्किंधा का राजा और अंगद को युवराज घोषित कर देते हैं। पाठ गायन वीरेंद्र त्रिपाठी ने किया और व्यास जी की भूमिका अमित नगाइच ने निभाई। आर्गन पर राधारमण गुबरेले व ढोलक पर राजेश कनासी संगत कर रहे थे। इससे पहले सीनरी विभाग के पवन अग्रवाल ने गजानन की आरती की। रामलीला समिति के उपाध्यक्ष पुरुषोत्तमदास रिछारिया, मंत्री संजय सोनी, सुधीर सोनी, रमेश तिवारी, डॉ. मृदुल दांतरे, अतुल चतुर्वेदी, हरिश्चंद्र तिवारी, अभिषेक रिछारिया, सुशील दूरवार, लोकेंद्र सिंह, संतोष तिवारी आदि रहे।
लक्ष्मण को मूर्छित देख व्याकुल हुए राम
जालौन। रामलीला के 172वें मंचन में लक्ष्मण शक्ति मार्मिक मंचन किया गया। मेघनाद व लक्ष्मण के संवाद पर बैठे दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन भी किया। मेघनाद के बाण लगते ही लक्ष्मण मूर्छित हो जाते हैं। प्रभु श्रीराम लक्ष्मण को मूर्छित देख विलाप करते हैं। तब हनुमान जी सुषैन वैद्य के कहने पर संजीवनी बूटी लेे जाते है। हनुमान जब बूटियों में संजीवनी बूटी को पहचान नहीं पाते हैं तो वह पूरा पर्वत लेकर रामदल की ओर चल देते हैं। वहीं बीच में जब हनुमान जी पर्वत लेकर अयोध्या के ऊपर से गुजरते हैं तो भरत ने उन्हें कोई राक्षस समझकर एक ही वाण से घायलकर जमीन पर गिरा देते हैं। तब हनुमान जी भरत को पूरी कथा बताकर वापस आते हैं। जहां सुषैन वैद्य संजीवनी बूटी से लक्ष्मण का उपचार करते हैं। राम की भूमिका में पिंकी महाराज, लक्ष्मण केके शुक्ला, हनुमान रविंद्र शुक्ला, मेघनाथ दिगंबर तिवारी, सुलोचना रामप्रकाश ने अपने अभिनय से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया है। (संवाद)
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