उड़ रहीं नियमों की धज्जियां, शहर जाम से हलाकान

Jalaun Updated Thu, 19 Jul 2012 12:00 PM IST
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उरई (जालौन)। कहीं बेतरतीब पार्किंग तो कहीं नो एंट्री जोन में भारी वाहनों की आवाजाही। यहीं नहीं अधिकतर फुटपाथों पर फेरी वाले और दुकानदारों का कब्जा। ट्रैफिक पुलिस के सिपाही भी चौराहे से अक्सर नदारद दिखते हैं तो कहीं उगाही में व्यस्त दिखाई देते हैं। इसका खामियाजा राहगीरों और वाहनवालों को रोजाना जाम के रूप में भुगतना पड़ता है। ये जाम कई बार छोटे- बड़े हादसों का भी सबब बन चुका है। समस्या से निजात दिलाने के लिए यातायात अधिकारियों ने आज तक कोई गंभीर कदम नहीं उठाया है और न ही उनके पास कोई विशेष प्लान है। इस कारण क्षेत्रीय जनता में गुस्सा पनप रहा है जो कभी भी फूट सकता है।
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दृश्य एक: समय सुबह 10 बजे
मच्छर चौराहा कोतवाली के सामने अनधिकृत तरीके से बने टेम्पो स्टैंड में टैम्पों की मारामारी है। हालत यह है कि रास्ता जाम है। सवारी लेने के चक्कर में चालक बीच सड़क पर टेम्पो रोक देते हैं। ऐसे में जाम की स्थिति हो जाती है।
दृश्य दो: समय दोपहर 12.30 बजे
मच्छर चौराहा से लेकर माहिल तालाब के बीच तीखी धूप में जाम में फंसे लोग बुरी तरह से बिलबिला रहे थे। वहीं बच्चाराम की दुकान के सामने व सावित्री प्लाजा के सामने बेतरतीब पार्किंग की वजह से जाम लगा हुआ था और राहगीर इससे जूझते नजर आए। विभिन्न स्कूलों की छुट्टी होेने के कारण स्कूली बसें नो इंट्री जोन में आकर और मुसीबतें बढ़ा रहीं थीं। डेढ़ घंटे तक राजमार्ग पर यही नजारा दिखाई दिया। जाम से बचने के लिए दोपहिया वाहन चालकों ने गली कूचों में निकला ही बेहतर समझा।
दृश्य तीन: समय शाम छह बजे
दिनभर की उमस के बाद लोग बाजार में निकले। फुटपाथी दुकानदार व दुकानदारों में दुकान का सामान सड़क तक फैला रखा है। इससे अच्छी खासी चौड़ी सड़क मात्र आठ फुट बची।
दृश्य चार: समय रात आठ बजे
कालपी बस स्टैंड से लेकर जिला परिषद व कोंच बस स्टैंड रोक के बावजूूद ट्रकों की आवाजाही रही। इससे लोग जाम में फंसने को मजबूर हैं। यही नहीं ट्रक चालकों की मनमानी से शहर में कई मर्तबा हादसे भी हो चुके
डीएवी हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. नीलम मुकेश ने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था पटरी से पूरी तरह उतर गई है। किसी भी चौराहे पर यातायात सिपाही नजर नहीं आता है। लोग मनमाने तरीके से वाहन खड़े करते हैं। इससे जाम की स्थिति रहती है। समाजसेवी प्रदीप राजपूत ने कहा कि राठ मार्ग पर यातायात सिपाही बालू के ट्रकों से उगाही करते हर समय नजर आते हैं। लिहाजा ट्रैफिक व्यवस्था का चौपट होना लाजमी है। ऐसे उगाही करने वाले सिपाहियों को विभाग द्वारा दंडित किया जाना चाहिए। कारोबारी कुलदीप मिश्रा ने बताया कि जब तक भारी वाहनों का शहर मेें प्रवेश वर्जित नहीं होगा। तब तक जाम की समस्या से निजात नहीं मिलेगी। इसके अलावा नो इंट्री वाले क्षेत्र में भारी वाहन पर रोक लगनी चाहिए। इसके लिए व्यापारियों को भी पहल करनी होगी। वरिष्ठ इतिहासकार हरिमोहन पुरवार ने कहा कि शहर मेें जाम की समस्या नासूर बन गई है। जब तक प्रशासन सख्ती नहीं दिखाएगी तब तक इसी स्थिति से शहरवासियों को दो चार होना पडे़गा।
बिगड़ी यातायात व्यवस्था बनाने के लिए टीएसआई व ट्रैफिक सिपाहियों के साथ बैठक की जाएगी। साथ ही व्यापारियों से भी अनुरोध करेंगे कि वह अपना अतिक्रमण स्वयं हटा लें। नहीं तो पुलिस सख्ती से पेश आएगी। - सीओ सदर बसंत लाल

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