विज्ञापन

कुपोषण से बचाव को बच्चों की नियमित जांच करेें

Jalaun Updated Thu, 21 Jun 2012 12:00 PM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
उरई (जालौन)। गांव के बच्चे कुपोषण का शिकार न हों इसके लिए उनका नियमित स्वास्थ्य परीक्षण होना चाहिए। यह बात जिलाधिकारी ने कही। वह बुधवार को विकास भवन सभागार में आयोजित बाल विकास परियोजनाधिकारियों की बैठक को संबोधित कर रही थीं।
विज्ञापन

जिलाधिकारी श्रीमती मनीषा त्रिघाटिया ने सख्त लहजे में कहा गांव में चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्र कार्यकर्ताओं के घरों में नहीं बल्कि सरकारी भवनों में ही चलने चाहिए। उन्हें भेजा जाने वाला पोषाहार किसी के घर में नहीं केंद्र पर ही रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा पोषाहार वितरण में अनियमितता की शिकायत पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा हाट कुक्कड़ योजना की नियमित मानीटरिंग होनी चाहिए। इसके लिए एनआईसी के जरिए साफ्टवेयर तैयार किया जाएगा। इससे प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र की प्रतिदिन रिपोर्टिग उनके मोबाइल पर आएगी। उन्होंने जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेेंद्र दुबे को निर्देश दिया आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं के खाली पदों पर चुनाव आचार खत्म होते ही नियुक्त की जाए। इसके लिए अभी से तैयारी कर ली जाए।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले भर के आंगनबाड़ी केंद्रों पर आने वाले बच्चों का नियमित रूप से माह में कम से कम एक दिन स्वास्थ्य परीक्षण किया जाए जिससे जिले में कुपोषण की समस्या से निजात पाई जा सके। उन्होंने जिलाबेसिक शिक्षाधिकारी को निर्देश दिए कि वह अपने विद्यालयों के खाली पड़े कक्षों में आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन कराएं। बैठक में अपर जिलाधिकारी लोकपाल सिंह, बेसिक शिक्षाधिकारी एसके तिवारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी अखिलेश दुबे। एसीएमओ आरके अंबष्ट समेत प्रमुख अधिकारी मौजूद थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us